महज पांच सौ रुपये के लिए पिता को लाठी से पीटकर मार डाला
Lucknow News - मोहनलालगंज में एक बेटे ने अपने पिता की 500 रुपये के लिए लाठी से पीटकर हत्या कर दी। विवाद इस बात पर हुआ कि पिता ने बेटे से पैसे मांगे थे जबकि बेटे ने पहले 15,000 रुपये का मोबाइल फोन खरीदा था। आरोपी नाबालिग है और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।

मोहनलालगंज इलाके के एक गांव में ग्राम पंचायत सदस्य को उसके पुत्र ने पांच सौ रुपये के लिए लाठी से पीटकर मार डाला। विवाद इस बात का था कि हत्यारोपी पुत्र दो दिन पहले ही 15 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीद कर लाया था। अगले दिन पिता ने रिश्तेदारी में जाने के लिए पुत्र से पांच सौ रुपये मांग लिए। पुत्र ने रुपये देने से मना किया तो दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। पिता का तर्क था कि मोबाइल के लिए पैसे हैं लेकिन पिता को देने के लिए नहीं। यही बात बेटे को अखरी और दोनों में झगड़ा हो गया।
बेटे ने लाठी से पीटकर पिता को मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने हत्यारोपी को हिरासत में लिया है। एसीपी का कहना है कि आरोपी नाबालिग है। ग्राम प्रधान के मुताबिक 45 वर्षीय ग्राम पंचायत सदस्य नशे का आदी था। उसे होली मिलने रिश्तेदारी में निगोहां के एक गांव जाना था। बेटे से उसने 500 रुपये की मांग की। इसी को लेकर हुए झगड़े में ग्राम पंचायत सदस्य के 17 वर्षीय नाबालिग पुत्र ने पिता के सिर पर लाठी से कई वार कर दिये। झगड़ा देख हत्यारोपी के बाबा और बुआ दोनों ग्राम पंचायत सदस्य को बचाने के लिए दौड़े लेकिन नाबालिग पर खून सवार था। उसने धक्का देकर दोनों को गिरा दिया। पिता को पीटने के बाद आरोपी भाग निकला थ। उधर, सिर फटने से ग्राम पंचायत सदस्य का काफी खून बह गया। घरवाले आनन फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य और उसका पुत्र दोनों मजदूरी करते थे। नशे के लिए घर का राशन तक बेच डालाइंस्पेक्टर ने बताया कि परिवारीजनों और आरोपी से पूछताछ में पता चला कि ग्राम पंचायत सदस्य शराब और गांजे के लती थे। आए दिन वह नशेबाजी के लिए रुपये घरवालों से मांगते थे। न देने पर मारपीट और विवाद करते थे। कुछ दिन पूर्व उन्होंने घर में रखा राशन भी नशे के लिए बेच डाला था। उनकी हरकतों से सभी आजिज थे।पत्नी को की थी मारने की कोशिश, मायके चली गई थी ग्राम पंचायत सदस्य की पत्नी ने बताया कि हफ्ते भर पूर्व उनका पति से विवाद हो गया था। पति ने शराब पीने के लिए रुपयों की मांग की थी। रुपये न देने पर उन्होंने पीटा था और गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। इससे नाराज होकर वह मायके चली गई थी। दो दिन पहले ही वह मायके से लौटी थी। एक साल से बंद था बोलचाल फिर भी बचाने दौड़ी :मृतक ने लगभग एक साल पहले पिता व बहन से गाली गालौज की थी। जिसके बाद से दोनों से बोलचाल बंद था। सोमवार को बहन अपने बीमार पिता को देखने आई थी। जहां से वापस पैदल लौट रही थी। तभी उसने देखा उसके भाई के साथ उसके भतीजे में मारपीट हो रही है। वह भागकर पिता के पास गई और कहा की उसके भाई को बचा लो दोनों दौड़कर मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी डंडे से कई प्रहार कर चुका था। दोनों को देख आरोपी लहूलूहान पिता को छोड़कर भाग निकला। दो दिनों से घर में नहीं जला था चूल्हाछोटे बेटे ने बताया कि उसके बाबा व चाचा उन लोगों से अलग चंद कदम की दूरी पर घर बनाकर रहते है। मां के चले जाने के चलते दो दिनों से घर में खाना नही बना था। बच्चें चाचा के यहां खा लेते थे तो मृतक बच्चों की पिटाई करता था। आरोपी ही होटल से खाना लाता था तो खाया जाता था लेकिन दो दिनों से घर में खाना नही बना था। दो दिन से भूखा रहने की बात इंस्पेक्टर ब्रजेश त्रिपाठी से बताते बताते छोटा बेटा फफक पड़ा। जिसके बाद पुलिस ने उसे बिस्किट मंगा कर खिलवाया।
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