DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

परिजनों का आरोप, CHC में आक्सीजन न मिलने से बच्ची की मौत

Family, accusation, CHC, oxygen, cure, child

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहरपुर में कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती की पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिवारीजनों का आरोप है कि उसको आक्सीजन की जरूरत थी। सीएचसी लहरपुर में घंटों इंतजार करने के बाद पता चला कि आक्सीजन नहीं है। एम्बुलेंस में लगा आक्सीजन सिलेंडर निकाल कर लाने में भी समय लगा। आक्सीजन के सही समय पर न मिल पाने के कारण बच्ची ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। 
गोरखपुर में हुए हादसे के बाद भी स्वास्थ्य मोहकमा जागा नहीं है। ऐसा ही कुछ हाल लहरपुर में हुआ है। मोहल्ला नई बस्ती के फिरोज की पांच वर्षीय बच्ची रमशा उर्फ फलख के डायरिया हो गया था। परिजन बच्ची को लेकर रविवार तड़के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्सक डा. शमसुल का दावा है कि कि जब उन्होंने बच्ची को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। पिता फिरोज का आरोप है कि वे लोग सुबह पांच बजे बच्ची को लेकर सीएचसी पहुंचे थे। एक घंटा केंद्र पर भटकते रहे। कोई भी हाल लेने वाला नहीं था। एक घंटे के बाद डा. शमसुल आए और बच्ची को देखा। बताया कि हालत खराब है, बच्ची को आक्सीजन की जरूरत है। आक्सीजन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। बवाल बढ़ने पर अफरातफरी के बीच एम्बुलेंस में लगा आक्सीजन सिलेंडर निकाला गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हंगामे के बीच पुलिस और प्रशासनिक स्तर के अधिकारी पहुंच गए। काफी देर तक आरोप और प्रत्यारोप जारी रहा।

चिकित्सक ने आरोपों को निराधार बताया 
बाल रोग विशेषज्ञ डा. शमसुल ने परिजनों के आरोप को नकारा है। कहा कि परिजन झूठ बोल रहे हैं। अस्पताल में आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। चिकित्सा अधीक्षक डा. सुधीर पाण्डेय का कहना है कि लहरपुर स्वास्थ्य केन्द्र में तीन सिलेंडर हैं। एक खाली था, उसे भी भरने के लिए भेज दिया गया है। पूर्व में परिजन बच्ची रमशा का बंगाली डाक्टर के अलावा निजी चिकित्सा केन्द्र में भी उपचार करा चुके थे। 

 

 


 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Sitapur: Child's death during treatment without getting oxygen