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खतरे का संकेत : मानसूनी सीजन में सरयू ने पहली बार पार किया लाल निशान

खतरे का संकेत : मानसूनी सीजन में सरयू ने पहली बार पार किया लाल निशान

इस साल  मानसून आने के बाद सरयू नदी का जलस्तर पहली बार खतरे के निशान को पार करने सफल हो गया। हालांकि केन्द्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण शारदा व गिरिजा बैराज से कई हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी के प्रभाव से सरयू नदी के जलस्तर मे वृद्धि हुई है। फिर भी चूंकि कतर्निया घाट व एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर में घटोत्तरी दर्ज की जा रही है, जिससे मध्यरात्रि के बाद यहां कमी आएगी।
केन्द्रीय जल आयोग के अवर अभियंता विनय कुमार कुशवाहा ने बताया कि रविवार की शाम शनै: शनै: बढते हुए नदी का जलस्तर 92.800 मीटर पर पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान 92.730 मीटर से सात सेमी. ऊपर है। फिर भी अनुमान है कि अगली सुबह तक जलस्तर घट कर 92.760 मीटर पर आ जाएगा।
 मालूम हो कि पखवारे भर पहले भी नदी का जलस्तर 92.440 मीटर तक पहुंच कर पीछे लौट गया था। बताया गया कि ऊपर भी जलस्तर घट रहा है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने कहा कि शनिवार के सापेक्ष शारदा व गिरिजा बैराज से 19 हजार छह सौ क्यूसेक कम पानी छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को दोनों बैराज से क्रमश: एक लाख 35 हजार 54 क्यूसेक एवं 99 हजार 447 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस प्रकार कुल दो लाख 34 हजार 678 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके कारण जलस्तर में गिरावट दर्ज होना तय है।
उन्होंने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान जिले भर के तटबंधों की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। इसलिए कहीं भी खतरे की कोई बात नही है। उन्होंने बताया कि कटान की समस्या के निवारण के लिए भी व्यवस्थाएं कर दी गयी हैं।

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  • Web Title:Signal of danger: Saryu has crossed the red mark for the first time in the monsoon season