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किशोरियों से भी कारखानें में लिए जा रहे जोखिम भरे काम

पढ़ने-खेलने की उम्र में किशोरों को ही नहीं किशोरियों को भी असुरक्षित और जोखिम भरे काम में ढकेला जा रहा है। जो चिंताजनक है। शुक्रवार को खतरनाक कामों में लगे बच्चे व किशोरों को मुक्त कराने के लिए निकली श्रम विभाग की टास्क फोर्स को इटौंजा के एक कारखाने में ऐसा ही देखने को मिला। सभी हतप्रभ रह गए।

टास्क फोर्स ने इटौंजा क्षेत्र से ही जोखिम भरे काम में लगी एक किशोरी और पांच किशोरों को मुक्त कराया और सीडब्लूसी के सामने पेश किया। बाद में किशोरों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया। सहायक श्रम आयुक्त आरएम तिवारी बताते हैं कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में टास्क फोर्स ने इटौंजा महोना रोड पर एएन पॉलीमर पर छापामारा। यहां उन्हें 15 वर्ष की लड़की कारखाने में जोखिम भरे काम करती मिली। यह देख अधिकारियों ने कारखाने में मौजूद जिम्मेदारों को जमकर फटकार। साथ ही फोर्स ने गुप्ता आटो पार्ट्स व अंसारी बिल्डिंग वर्क्स इटौंजा से 12 व 14 वर्ष के दो-दो बच्चे और उबैद आटो सेंटर से एक बच्चे को मुक्त कराया। इन किशोरों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया। टास्क फोर्स में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विवेक त्रिवेदी, संतोष मौर्या,ओम प्रकाश मौर्या, आरएल पटेल, पवन कुमार, राजेश कुमार सिंह, पीआर अनिल, मनोज कुमार शामिल थे।

19 किशोरों की भी हुई पहचान

इसके अलावा टास्क फोर्स ने बंगला बाजार, आशियाना, इंदिरा नगर, सर्वोदय नगर, बालागंज से भी 19 किशोरों की पहचान की जो खतरनाक काम या मजदूरी में लगे थे। इनमें से कोई पूड़ी, मिठाई, फास्टफूड, फर्नीचर, बिरयानी व रेस्टोरेंट में काम कर रहे थे। इन सभी प्रतिष्ठानों के मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इधर तीन दिनों में 42 बच्चों व किशोरों की पहचान या मुक्त कराया गया है।

बाल श्रम की यहां करें शिकायत

आम लोग बाल व किशोरों से मजदूरी कराने या खतरनाक काम लेने वालों की शिकायत कर सकते हैं। सहायक श्रमायुक्त आरएम तिवारी बताते हैं कि इसके लिए लोग टास्क फोर्स के नम्बर 8004443000 पर सूचना दे सकते हैं।

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