शब-ए-बरात आज, कब्रिस्तान और मस्जिदों में होंगी दुआएं
Lucknow News - शब-ए-बरात पर शहर की मस्जिदें रोशन कब्रिस्तानों में हुई साफ-सफाई लखनऊ, कार्यालय संवाददाता शब-ए-बरात

शब-ए-बरात पर शहर की मस्जिदें रोशन कब्रिस्तानों में हुई साफ-सफाई लखनऊ, कार्यालय संवाददाता शब-ए-बरात मंगलवार को अकीदत व एहतेराम के साथ मनायी जाएगी। शब-ए-बरात के मौके पर तमाम मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानों की साफ-सफाई व रंग-रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। दरगाहों व मस्जिदों को छोटी-छोटी, रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। लोग अपने पूर्वजों की कब्रों के आस-पास साफ-सफाई कर चुके हैं ताकि जियारत के समय किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। शब-ए-बरात में पूर्वजों की रुहों की मगफिरत के लिए कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की जाएगी। शब-ए-बरात की रात शहर की छोटी बड़ी तमाम मस्जिदों व घरों में इबादत कर अल्लाह से दुआ मांगेंगे।
वहीं कब्रिस्तानों में जाकर पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर उनकी बख्शिश की दुआ करेंगे। ईदगाह लखनऊ के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि इस्लामी कैलेंडर के शाबान माह की 15वीं तारीख की रात को शब-ए-बरात के नाम से जाना जाता है। शब-ए-बरात का अर्थ होता है छुटकारे की रात यानी गुनाहों से निजात की रात। हदीस शरीफ में आया है कि शाबान की 15वीं शब (रात) को कयाम (इबादत) करो और इस दिन रोजा रखो। यह रात बड़ी रहमत व बरकत वाली है। इस दिन मुसलमान अल्लाह का जिक्र कसरत के साथ करें, कजा व नफ्ल नमाज, रोजा, तस्बीह व कुरआन की तिलावत करें। इस रात बंदों पर अल्लाह की खास रहमत उतरती है। मौलाना ने कहा कि इस रात बाइक स्टंट न करें। बेवजह न घूमें। आतिशबाजी बिल्कुल न करें।

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