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सीवर लाइन की सफाई के दौरान दम घुटने से एक मजदूर की मौत

- स्थानीय लोगों ने दो को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला- ठेकेदार ने बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारालखनऊ। निज संवाददाताफरीदीनगर के चांदन रोड पर बुधवार सुबह बिना सुरक्षा उपकरणों के ठेकेदार ने गांव से लाए गए अप्रशिक्षित मजदूरों को सीवर लाइन में उतारा दिया। सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। जबकि अंदर घुसे दो अन्य मजूदरों को स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। जिससे दोनों की जान बच सकी। बाद में दोनों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पार्षद ने जलनिगम के जेई को कई बार हादसे की सूचना दी। लेकिन मौके पर जेई व ठेकेदार कोई नहीं पहुंचा। इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड के फरीदीनगर में बुधवार सुबह 9 बजे ठेकेदार सैफ चार मजदूरों के साथ सीवर लाइन की सफाई के लिए पहुंचा। एक-एक कर तीन मजदूर 30-35 फुट गहरी सीवर लाइन में उतरे। चौथा मजदूर जैसे ही सीढ़ी से नीचे उतरने लगा। अंदर से चीख पुकार की आवाज आने लगी। घबराकर वह तुरंत बाहर निकल आया और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे। पास में ही घर होने के कारण पार्षद राम कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। पार्षद ने जलनिगम जेई मलखान सिंह को कई बार हादसे की सूचना दी। लेकिन जेई व ठेकेदार मौके पर नहीं पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दो मजदूरों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। लेकिन अंदर जहरीली गैस के कारण सबसे पहले नीचे उतरे एक मजदूर को निकालने में कठिनाईयां आ रही थीं। मगर 11 बजे के करीब अंदर फंसे मजदूर को भी लोगों ने रस्सी की मदद से बाहर निकाल लिया। लेकिन तब तक वह पूरी तरह से बेदम हो चुका था। यूपी 100 की गाड़ी से मजदूर को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान भांजे शमशीर ने सीतापुर के थाना रेउसा के गांव बिसवां निवासी जलील(40) के रूप में की। जो कि साथ में सीवर की सफाई में लगा था। लेकिन सबसे आखिर में उतरने व अंदर फंसे मजदूरों की चीख पुकार सुनकर वह तुरंत बाहर निकल आया था। शमशीर ने बताया कि दो अन्य मजदूरों में एक मृतक जलील का बेटा करीम है जो कि 15-16 साल का है। जबकि दूसरा उसका भाई आतिर(22) है। शमशीर व आतिर सीतापुर के रेउसा थाने के कोड़री गांव के रहने वाले हैं। बिना सुरक्षा उपकरण के ही सीवर लाइन में उतारा पार्षद ने बताया कि बिना सुरक्षा उपकरण के ही मजदूरों को सीवर लाइन में उतार दिया गया। जबकि अंदर उतारने से पहले सभी को ऑक्सीजन मास्क, गमबूट व दस्ताने से लैस करना चाहिए था। अगर ऑक्सीजन मास्क होता तो मृतक की जान बचाई जा सकती थी। रिक्शा चालक ने दिलेरी की मिसाल पेश कीसीवर लाइन के अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने में जहां कोई हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। तभी वहां पर मौजूद रिक्शा चालक ने दिलेरी दिखाई और वह रस्सी के सहारे के कई फुट नीचे उतरा। कई बार जहरीली गैस से उसकी भी सांस उखड़ी। लेकिन उसने हार नहीं मानी। एक-एक कर दो मजदूर आतिर व करीम को बाहर निकाल लिया। सबसे पहले घुसे मजदूर के पूरी तरह से बेदम हो जाने की वजह से उसको निकालने में उसको काफी दिक्कतें पेश आईं। अंतत: उसको भी बाहर निकाल लिया। स्थानीय निवासी सत्यवान ने मुंह से सांस भरकर व सीने को दबाकर उसकी सांस वापस लाने की काफी कोशिश भी की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उक्त रिक्शाचालक का नाम शफीक है।चक्की वाले की रस्सी से बचाई जानपार्षद ने बताया कि मौके पर रस्सी न होने पर बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन बगल में चक्की की दुकान से रस्सी मिलने पर उसके सहारे दो मजदूरों आतिर व करीम को बाहर निकाल लिया गया। इसी बीच पार्षद ने सेक्टर-14 पॉवर हादसे से मोटी रस्सी भी मंगवा ली। ताकि नॉयलान की रस्सी टूटने पर बचाव कार्य रूक न जाए। एक घंटे देरी से पहुंची फायर बिग्रेडस्थानीय लोगों ने बताया कि फायर ब्रिगेड काफी देर बाद मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे देरी से फायर विभाग की गाड़ी पहुंची। फायर वालों के पास रस्सी भी नहीं थी। फायर की गाड़ी से सिर्फ सीवर के अंदर पानी छोड़ा जा रहा था।

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