सेप्सिस संक्रमण का समय पर इलाज जरूरी
Lucknow News - सेप्सिस संक्रमण का समय पर इलाज आवश्यक है। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि देरी से मरीज के अंग फेल हो सकते हैं और जान को खतरा हो सकता है। सेप्सिस के शुरुआती लक्षणों को पहचानना और...

सेप्सिस संक्रमण का समय पर इलाज जरूरी है। इलाज में देरी से मरीज के अंग फेल हो सकते हैं। कुछ ही समय में मरीज की जान भी जा सकती है। यह जानकारी लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने दी। वह बुधवार को संस्थान के प्रेक्षागृह में सेप्सिस जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि सेप्सिस संक्रमण के प्रति शरीर की एक खतरनाक और जानलेवा प्रतिक्रिया है। जिसमें शरीर संक्रमण से लड़ने के बजाय अपने ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। मरीज की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि जब शरीर में बैक्टीरिया, वायरस या फफूंद की वजह से संक्रमण होता है तो वह सबसे पहले रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला करता है।
संस्थान में डीन एकेडमिक्स डॉ. विनीता मित्तल ने कहा कि सेप्सिस का तुरंत इलाज जरूरी है। देरी से मरीज सेप्सिस शॉक में जा सकता है। सेप्सिस के शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी है। पुरानी बीमारी जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से जूझ रहे मरीजों को सेप्सिस के प्रति अधिक सर्तक रहने की जरूरत है। लक्षण -शरीर में दर्द -भ्रम लगना -तेजी से सांस लेना -चक्कर आना -शरीर के तापमान में बदलाव -दिल की धड़कन का तेज होना -शरीर के अंगों का ठीक से काम न करना।
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