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लखनऊ

सेंसर-कैमरा-ट्रैफिक लाइट फिर भी बेकाबू मुंशीपुलिया

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 08:25 PM
सेंसर-कैमरा-ट्रैफिक लाइट फिर भी बेकाबू मुंशीपुलिया

80 हजार वाहन रोजाना इस चौराहे से गुजरते हैं

इस चौराहे से निकलते हुए वाहन चालकों की जान आफत में

पुलिस दो चौकियां लेकिन दुर्घटना से बचाने को पुलिस नहीं

लखनऊ। मुख्य संवाददाता

ट्रैफिक लाइट, कैमरा, सेंसर और दो तरफ पुलिस चौकियां। बावजूद इसके मुंशी पुलिया चौराहे को पार करते समय बेअंदाज वाहनों के कारण अन्य चालकों का कलेजा मुंह को आ जाता है। किसी की नई गाड़ी के बम्पर पर रगड़ लग जाती है तो कोई दोपहिया लुढ़क जाता है। यह शहर के व्यस्त चौराहों में से एक है जहां से 80 हजार वाहन गुजरते हैं। सुधी पाठकों की सूचना पर सोमवार को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की टीम ने घंटे भर पड़ताल की। देखा कि जिनको रोज इस चौराहे को पार करना होता है उनको क्या समस्या आ रही है। पेश है एक रिपोर्ट:

दाहिने चल रही बस अचानक बाएं आ गई, गिरते-गिरते बचा बाइक सवार

समय 1:30 बजे

हरी बत्ती हुई और जैसे ही फैजाबाद रोड से मेट्रो स्टेशन की ओर वाहन बढ़े तभी दाहिनी तरफ से वाहन अचानक बाएं आने लगे। इसी बीच एक स्कूल बस दाहिनी तरफ से आई और बाएं घूम गई। एक बाइक और स्कूटी उसकी चपेट में आते-आते बची। इस बेअंदाज ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी नहीं था। इसी बीच मस्जिद वाली सड़क से आने वाले वाहन भी चल पड़े। अब एक संघर्ष की स्थिति नजर आ रही थी। सीधे जाने वाले वाहन किसी तरह दाहिनी ओर से आ रही गाड़ियों से खुद को बचाते हुए आगे बढ़ रहे थे।

जब तक आगे बढ़े लाल बत्ती हो गई

समय 1: 35 बजे

मेट्रो स्टेशन से पॉलीटेक्निक की ओर जाने वाले रास्ते के लिए जैसे ही वाहन बढ़े मस्जिद की ओर से आ रही सड़क पर भी वाहन चल दिए। नतीजा यह हुआ कि पहली पंक्ति के दो तीन वाहन ही निकल पाए तब तक बत्ती फिर से लाल हो गई।

सर्विस लेन के लिए कोई नियम कानून नहीं

समय 1:40

मुंशी पुलिया चौराहे की एक बड़ी समस्या सर्विस लेन से गुजरने वाले वाहन हैं। इनमें भी टेम्पो और ई रिक्शा के कारण दूसरे वाहनों को रुकना पड़ता है। सर्विस लेन से आने वाले वाहन बिना लाल बत्ती की परवाह किए अन्य वाहनों की धारा को तोड़ते दिखाई पड़े।

फंस जाते हैं 20 टायरा ट्रक, रोज लगता है जाम

रात के समय चौराहे की एक बड़ी समस्या लम्बे वाहन बन जाते हैं। यहीं नजदीक रहने वाले राजेश सिंह के अनुसार चौराहे के गोल चक्कर का आकार बड़ा है। मेट्रो के खंभे बन जाने के बाद खुर्रम नगर से पॉलीटेक्निक वाले रास्ते पर जाने वाले वाहनों के लिए जगह कम बची है। रात के समय अक्सर यहां लम्बे ट्रक फंस जाते हैं जिसके कारण लम्बा जाम लग जाता है।

क्या है मुख्य समस्या-

0 ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस नहीं रहती

0 जिन वाहनों को बाएं मुड़ना है उनको पहले से बाईं लेन में रखना

0 सर्विस लेन से आने वाले वाहनों पर कोई रोक नहीं

0 वाहनों की संख्या के मुकाबले चौराहे की बनावट सही नहीं

0 इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था ही यहां के लिए काफी नहीं

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