सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के शिक्षकों का नहीं बन सका केंद्रीय डाटा बैंक
Lucknow News - - बीते 14 वर्षों से डाटा बैंक नहीं हो पाया तैयार - यूजीसी मानकों

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का ऑनलाइन केंद्रीय डाटा बैंक पिछले 14 वर्षों से तैयार नहीं हो पाया है। जिसके कारण योग्य शिक्षकों को पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुसार इन्हें वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। अगर केंद्रीय डाटा बैंक बन जाए तो सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में गुणवत्तापरक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। सेवानियमावली न बनाए जाने के कारण इन्हें तरह-तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में 7700 सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेज हैं। लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक जय देवी की ओर से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिख कर मांग की गई है कि शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाई जाए।
उन्हें यूजीसी के मानकों के अनुरूप इन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत शिक्षकों को वेतन दिया जाए। अभी इन्हें कॉलेज मनमाने ढंग से 15 से लेकर 25 हजार तक ही मानदेय देते हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय डाटा बैंक न बनने से एक डिग्री कॉलेज के शिक्षक कई-कई डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की सूची में शामिल हैं। कॉलेज तरह-तरह की गड़बड़ियां कर रहे हैं। कॉलेजों में ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। फिलहाल उच्च शिक्षा उत्थान समिति की मांग पर वर्ष 2015 में तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक की ओर से उच्च शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश दिए गए थे कि सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का वेतन निर्धारित करने के साथ ही उनका विवरण भी ऑनलाइन किया जाए लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
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