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लखनऊकोरोना की दूसरी लहर से रियल एस्टेट को करारा झटका

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 07:31 PM
कोरोना की दूसरी लहर से रियल एस्टेट को करारा झटका

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

कोरोना की दूसरी लहर से रियल एस्टेट को करारा झटका लगा है। लखनऊ में ही रियल स्टेट को करीब 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। जो हालात अभी हैं उससे अगले महीने तक 1000 करोड़ तक नुकसान पहुंच सकता है। नुकसान से कई छोटे बिल्डरों की कमर टूट गई है।

लखनऊ में करीब 110 ऐसे बिल्डर हैं जो एलडीए तथा रेरा के मानकों के अनुसार बिल्डिंग बना रहे हैं। टाउनशिप विकसित कर रहे हैं। इनमें तीन दर्जन बिल्डर बड़े हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने छोटे बिल्डरों को जहां तबाह कर दिया है वहीं बड़े बिल्डरों की भी बुनियाद हिल गई है। उन्हें घाटे से निकलने का कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है।

पिछले 3 महीने में 97% बिल्डर एक भी फ्लैट नहीं बेच पाए हैं। बिल्डरों से बातचीत में पता चला कि वह लखनऊ में हर महीने करीब 400 यूनिट आसानी से बेच लेते थे। लेकिन 2 महीनों में एक भी नहीं बिकी। मार्च में जरूर कुछ बिक्री हुई थी। करीब 1000 यूनिट मकानों की बिक्री नहीं हो पाई। जिससे करीब 500 करोड़ का नुकसान हुआ है।

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मध्यम श्रेणी के बिल्डरों ने बताया इस तरह हो रहा नुकसान

कर्मचारियों के वेतन पर खर्च- 15 से 20 लाख प्रतिमाह

बिजली के बिल पर खर्च- एक से 2 लाख प्रतिमाह

बैंक की ब्याज 20 से 25 लाख प्रति माह

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मकान खरीदने की बात भी सुनना नहीं चाहते लोग

मौजूदा समय में लोग मकान खरीदने की बात भी सुनना नहीं चाहते। कुछ बिल्डरों ने बताया कि उनके कार्यालयों से मकान के लिए जब कर्मचारी फोन करते हैं तो लोग उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं होते है। आकर्षक छूट व ऑफर देने पर भी लोग आकर्षित हो रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस बार महामारी से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों का काफी पैसा बीमारी पर खर्च हुआ है। इसलिए लोग मकान की बजाय अपनी सेहत की ज्यादा चिंता कर रहे हैं। आगे बीमारी से लड़ने के लिए अपना पैसा होल्ड कर लिया है।

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तीसरी लहर से भी चिंतित हैं लोग

कोरोना की तीसरी लहर से भी लोग चिंतित हैं। कुछ बिल्डरों ने बताया कि लोगों को लग रहा है कि अगर तीसरी लहर आई तो दिक्कतें और आएंगी। इलाज में पैसे खर्च होंगे। इसलिए लोग अभी रियल एस्टेट में ज्यादा पैसा लगाने के इच्छुक नहीं हैं।

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नहीं लौट रहे लेबर और मिस्त्री, बंद पड़ा है काम

बिल्डरों की ज्यादातर टाउनशिप में अभी सन्नाटा पसरा हुआ है। लेबर मिस्त्री अपने गांव से नहीं लौटे हैं। कुछ तो होली में चले गए थे। कुछ कोरोना बढने के बाद जबकि कुछ प्रधानी के चुनाव में गए थे। इनके न लौटने की वजह से भी काम बंद पड़ा है।

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पिछले वर्ष हुआ था 1000 करोड़ का नुकसान

राजधानी में बिल्डरों को पिछले वर्ष भी करीब एक हजार करोड़ का नुकसान हुआ था। बिल्डरों के नुकसान की भरपाई के लिए एलडीए तथा आवास विकास ने उन्हें कुछ रियायतें भी दी थीं। लखनऊ विकास प्राधिकरण ओटीएस योजना भी ले आया था। इसका फायदा एलडीए से जमीन खरीदने वाले बिल्डरों को मिला।

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बहुत खराब स्थिति है। पिछले 2 महीने में एक भी फ्लैट नहीं बिका है। 20 से 25 लाख हर महीने बैंक को ब्याज देना पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन पर भी बड़ी रकम खर्च हो रही है लेकिन आमदनी जीरो है। ंलखनऊ में 500 करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद रियल एस्टेट के उठने की उम्मीद की जा रही है।

नरेंद्र मौर्य, सीएमडी, रोहित ग्रुप

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बिक्री बिल्कुल जीरो हो गयी है। जनता में काफी डर है। लोगों ने अपने इलाज के लिए पैसा होल्ड कर लिया है। तीसरी लहर आने की भी बात कही जा रही है। अब रियल एस्टेट की स्थिति तीसरी लहर के बाद ही कुछ सुधरेगी। जिन लोगों ने पूर्व में मकान लिया था उसमें भी 90 प्रतिशत कलेक्शन नहीं हो रहा है।

अतुल सक्सेना, डायरेक्टर, ओरो कांस्क्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड

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