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साइंस फिल्मों के प्रसार से समाज में फैलती है जागरुकता

- साइंस फिल्म मेकिंग वर्कशॉप के दूसरे दिन विशेषनों ने फिल्म तकनीकी से कराया अवगतलखनऊ। साइंस फिल्मों के प्रसार से समाज में जागरुकता फैलती है। इनके प्रसार व प्रदर्शन से समाज से अंधविश्वास का खात्मा होता है। विज्ञान प्रसार विभाग नई दिल्ली के साइंस कम्यूनिकेटर निमिष कपूर ने रविवार को दूसरे दिन कार्यशाला के पहले सत्र को संबोधित कर कही। प्रतिभागियों को साइंस फिल्मों को बनाने की क्या आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही इन फिल्मों का समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया। मुंबई के फिल्म इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एचबी मुरलीधरा व सीमा मुरलीधरा ने वीडियोग्राफी की हैंडलिंग, शटर, फोकस, व्हाइट बैलेंस, ऑडियो-वीडियो मैचिंग व वॉयस ओवर आदि की जानकारी दी। इसके अलावा शूटिंग की जगह का चुनाव व पिक्चर का शीर्षक कैसे व किस प्रकार तय किया इसकी जानकारी दी। इसके अलावा साइंस फिल्मों का स्क्रिप्ट लिखने के बारे में जानकारी दी। प्रसिद्ध वैज्ञानिक डा.सीएम नौटियाल ने कैमरे के प्रयोग से संबंधित जानकारी प्रदान की। अंत में इंदिरागांधी नक्षत्रशाला के राज्य परियोजना समन्वयक अनिल यादव व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उप्र के संयुक्त निदेशक डा. राजेश गंगवार ने विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया। वैज्ञानिक अधिकारी सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बतया कि कार्यशाला में कुल 61 प्रतिभागियों व 28 वॉलंटियर हिस्सा ले रहे हैं।

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  • Web Title:science film making