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संदेह के घेरे में फंसे सामान्य व एससी-एसटी के छात्र पा सकतें है छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन सही भरने के बावजूद संदेह के घेरे में फंसे प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को सरकार ने फीस वापस पाने का एक सुनहरा मौका दिया है। सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति व सामान्य वर्ग के ऐसे सस्पेक्ट (संदेहास्पद) श्रेणी में फंसे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल खोल दिया है। यह साइट सोमवार यानी 16 अप्रैल से लेकर 15 मई तक करीब एक माह तक खुली रहेगी। इससे जिला समाज कल्याण अधिकारी के पोर्टल पर पेंडिंग दिख रहा सस्पेक्ट डाटा पर वह कागजात व साक्ष्यों के आधार पर निर्णय ले सकते हैं।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति (2017-18) के तहत बहुत से छात्र ऐसे भी रहे जिन्होंने अपना ऑनलाइन आवेदन फार्म सही भरा। इसके बावजूद उनका डाटा सस्पेक्ट श्रेणी में फंस गया। इससे उनके फीस और छात्रवृत्ति रुक गई। इनमें अधिक तर छात्र ऐसे हैं जिनका रिजल्ट मैच नहीं किया। आय और जाति प्रमाणपत्र सत्यापित नहीं हो सका। हाईस्कूल रोल नम्बर मैच नहीं कर पाया। अन्य वजह भी रहीं। जिला समाज कल्याण अधिकारी केएस मिश्रा बताते हैं कि ऐसे छात्रों के स्टेटस में जो कमी दिखाई दे उसके अनुसार छात्रों को साक्ष्य व कागजात लगाने होंगे। छात्र इसे 30 अप्रैल तक हर हाल में कॉलेज में जमा कर दे। कॉलेज से सभी कागजात सत्यापित होने के बाद समाज कल्याण के दफ्तर में आजाएंगे। लखनऊ में सामान्य व एससी-एसटी मिलाकर करीब 10 हजार छात्र सस्पेक्ट श्रेणी में फंसे हैं।

यह साक्ष्य जरूर लगाएं

प्रार्थना पत्र, ऑनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन पत्र की कॉपी, स्टेटस की प्रति जिसमें सस्पेक्ट का कारण अंकित हो, स्टेटस में प्रदर्शित हो रहे सस्पेक्ट से संबंधित साक्ष्य की प्रति

दो दिन में दिखने लगेगा स्टेटस

छात्रवृत्ति की साइट पर अगर छात्रों को उनका स्टेटस न दिखे तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी बताते हैं कि एक -दो दिनों में ऐसे छात्रों का स्टेटस दिखने लगेगा। वहीं छात्र अपना स्टेटस अपने संस्थान व समाज कल्याण अधिकारी दफ्तर (सर्वोदय नगर, विकास भवन) से भी पता कर सकते हैं।

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