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साढ़े तीन माह बाद अपनों से मिला सन्तोष

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बिहार के जनपद अररिया के जोगबनी निवासी राजेश कुमार शाह के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनके कार्यालय के बाबू हनुमान प्रसाद किसी भगवान से कम नहीं हैं। राजेश को उनके लक्ष्मण सरीके भाई से साढ़े तीन माह बाद मिलाने में सीएमओ डा. श्रीकृष्ण गोपाल सिंह और उनके कार्यालय के बाबू का खास योगदान है। 
दरअसल राजेश का छोटा भाई संतोष कुमार शाह, जो मंदबुद्धि है, बीते एक जनवरी को भटककर अकबरपुर आ गया था। लाचार अवस्था में मिले संतोष के बाबत सीएमओ कार्यालय के बाबू हनुमान प्रसाद ने सीएमओ को जानकारी दी। सीएमओ ने मानवता के नाते हरसंभव मदद का भरोसा दिया और हनुमान प्रसाद को संतोष को आश्रय देने के लिए तैयार किया। अपने हाकिम कि मानवता देखकर हनुमान प्रसाद भी संतोष को अपने संरक्षण में लेकर अपने बच्चे की तरह स्नेह और प्यार देने के साथ इलाज कराना शुरू किया। इलाज होने से धीरे-धीरे संतोष ठीक होने लगा और एक जनवरी को अपना नाम तक न बता पाने वाला घर के बाबत भी थोड़ा बहुत बताने लगा।
 इससे उत्साहित हनुमान प्रसाद ने तंबाकू नियंत्रण सलाहकार डा. सर्वेश कुमार और जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक रक्षा राम के जरिए इंटरनेट व फोन नंबर के माध्यम से संतोष का असली पता जोगबनी जनपद अररिया प्रान्त बिहार का पता किया। फिर गूगल से वहां के प्रशासन और पुलिस से संपर्क किया। परिणाम यह हुआ कि कुछ ही दिनों के भीतर संतोष के परिवार को ढूंढ निकाला गया। सूचना पर संतोष के बड़े भाई राजेश कुमार अपने एक मित्र के साथ अकबरपुर आए और सीएमओ के जरिए भाई को पाकर खुशी से छूम उठे। राजेश ने कहा कि मानवता से ही आज उन्हें उनका भाई मिला है। सच तो यह है कि हम सबने लगभग चार माह से गायब भाई की मिलने की आस ही छोड़ दी थी। 

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