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परिवहन निगम डीजल बसों को हटाकर चलाएगा सीएनजी बसें

प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालयवाहनों के धुएं से बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए परिवहन निगम एक बड़ी पहल करने जा रहा है। परिवहन निगम अपने बेड़े में शामिल करीब साढ़े 12 हजार डीजल की बसों को हटाकर उन्हें धीरे-धीरे सीएनजी बसों में तब्दील करने की योजना बना रहा है। निगम ने इस दिशा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इसकी शुरुआत भी कर दी है। वहां 1000 में से करीब 250 डीजल बसों को हटाया जा रहा है और उनके स्थान पर सीएनजी बसों को लगाया जा रहा है। नई दिल्ली में वायू प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश दिए हैं कि एनसीआर में 10 साल या उससे अधिक दिन तक चलने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए। उनके दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी जाए। इसके तहत परिवहन निगम पुरानी और 10 साल की अवधि पार कर चुकीं 250 बसों को हटा रहा है और उनके स्थान पर नई सीएनजी बसें लगा रहा है।निगम इन सीएनजी बसों को फिलहाल नई दिल्ली से आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर और गुड़गांव के लिए चलाएगा। इनमें से तीन सीएनजी बसों को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने 29 अक्तूबर को झंडी दिखाकर रवाना किया था। ये बसें लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर चलने भी लगीं हैं। एनसीआर में सीएनजी बसों का संचालन सफल होने के बाद परिवहन निगम प्रदेश के अन्य भागों में चल रहीं उन डीजल बसों को भी हटाएगा, जो अपनी 10 साल की उम्र पूरी कर चुकी हैं। जी एस्सेल ग्रुप चलाएगा इलेक्ट्रिक बसेंदूसरी तरफ, वायू प्रदूषण कम करने के मद्देनजर जी एस्सेल ग्रुप ने भी एनसीआर रीजन में अपनी एक हजार इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का इन्वेस्टर्स समिट में करार किया था। निगम के अधिकारियों के अनुसार ये बसें परिवहन निगम के अधीन नहीं हैं। ग्रुप खुद ही उन्हें संचालित करेगा। इसके लिए शासन स्तर पर परमिट जारी किए जाएंगे।बॉक्स:परिवहन निगम धुंए से हो रहे प्रदूषण को कम करने के लिए काफी गंभीर है। डीजल की बसों को चरणबद्ध रूप से हटाया जाएगा और उनके स्थान पर सीएनजी बसों को चलाने की योजना है।एच.एस.गाबाप्रधान महाप्रबंधक (परिचालन) परिवहन निगम

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  • Web Title:Roadways Bus