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लखनऊ

महिला ड्राइवरों की तलाश में हताश हुआ रोडवेज प्रशासन

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Sun, 02 Feb 2020 08:34 PM
महिला ड्राइवरों की तलाश में हताश हुआ रोडवेज प्रशासन

निर्भया फंड से रोडवेज को 2017 में मिली थी 50 महिला पिंक बसें

महिला सुरक्षा के मद्देनजर 60 महिला ड्राइवरों की होनी थी तैनाती

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

महिला ड्राइवरों की तलाश में रोडवेज प्रशासन हताश हो गया। दो साल पहले 50 महिला स्पेशल पिंक बसों को चलाने के लिए 60 महिला चालकों से आवेदन मांगे गए थे। जोकि आज तक किसी भी महिला ड्राइवरों ने आवेदन नहीं किया। लिहाजा महिलाएं रोडवेज बसों का चलाने से दूर भाग रही है। और वर्तमान में महिला पिंक बसों को पुरुष चला रहे है। ऐसे में महिला पिंक बसों में महिला सुरक्षा का दावा फेल होता नजर आ रहा है।

महिलाएं ई रिक्शा चला रही है। ट्रेन दौड़ा रही है। हवाई जहाज उड़ा रही है। पर रोडवेज बस चलाने से दूर भाग रही है। वजह, यात्री बस चलाने का अनुभव नहीं है। संविदा की नौकरी है। दिन और रात में बस संचालन है। रोडवेज अधिकारी बतातें है कि पूर्व में दो महिला ड्राइवरों ने आवेदन किया था। उन्हें कानपुर में ड्राइविंग ट्रैनिंग दी गई। पर उन महिलाओं ने ज्वाइन नहीं किया। ऐसे में संविदा पर महिला चालकों की तलाश अभी भी जारी है।

महिला के नाम से जारी हुए है 15 व्यवसायिक डीएल

भारी वाहनों में चाहे माल वाहन हो या यात्री वाहन। जिसे चलाने के लिए व्यवसायिक ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है। आरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 15 महिलाओं ने व्यवसायिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवा चुकी हैं। बावजूद किसी महिलाओं ने महिला पिंक बस चलाने के लिए आवेदन नहीं किया।

वर्जन

महिला पिंक बसों के लिए महिला ड्राइवरों की जरूरत है। पूर्व में दो महिलाएं आई थी लेकिन ज्वाइन नहीं किया। यूपी में भारी वाहन चलाने वाली महिला चालकों की संख्या काफी कम है। इस वजह से महिला ड्राइवर नहीं मिल रही है।

पल्लव बोस, क्षेत्रीय प्रबंधक

परिवहन निगम, लखनऊ क्षेत्र

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