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15 दिनों में एक लाख बिना हेल्मेट व सीट बेल्ट पकड़े गए

परिवहन विभाग ने 15 सप्ताह तक चलाए गए चेकिंग अभियान का रिपोर्ट कार्ड जारी किया

सड़क हादसे कम करने के मकसद से 22 नवंबर से हर बुधवार चल रहा है विशेष चेकिंग अभियान

लखनऊ। निज संवाददाता

सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के मकदस से हर बुधवार चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान में भारी सफलता हासिल हुई है। 28 फरवरी को 15 सप्ताह बीतने के बाद परिवहन विभाग ने रिपोर्ट कार्ड जारी किया है जिसमें विशेष चेकिंग अभियान के दौरान प्रदेश भर में बिना हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाए गए तकरीबन एक लाख लोग पकड़े गए। इन लोगों से लगभग एक करोड़ से ज्यादा जुर्माना वसूला गया है। बावजूद बिना हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाने वाले बेखौफ गाड़ी लेकर दौड़ रहे है।

परिवहन विभाग द्वारा 15 नंबर से हर सप्ताह बुधवार को हेल्मेट एवं सीट बेल्ट दिवस के रूप में मनाया जाने का निर्णय लिया गया था। 22 नंबर से इस अभियान की शुरूआत की गई। जोकि 15 सप्ताह बीतने के बाद परिवहन विभाग ने जो रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है उनमें बिना हेल्मेट सीट बेल्ट लगाने वाले की संख्या को चिंताजनक बताया। सड़क सुरक्षा सेल से जुड़े अधिकारी बतातें है कि 15 सप्ताह बीतने के बाद 40 फीसदी लोग जागरूक हुए है। नतीजा यह रहा कि अधिक से अधिक दो पहिया वाहन सवार हेल्मेट पहनकर चलते है। इससे सड़क दुर्घटना में 78 फीसदी कम चोट लगने की संभावना रहती है।

कब-कब बिना हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाए पकड़े गए

22 नवंबर को 1750, 29 नवंबर को 4719, 06 दिसंबर को 7583, 13 दिसंबर को 6716, 20 दिसंबर को 8550, 27 दिसंबर को 9040, 03 जनवरी को 7400, 10 जनवरी को 8154, 17 जनवरी को 7825, 24 जनवरी को 8127, 31 जनवरी को 7892, 07 फरवरी को अभियान नहीं चला, 14 फरवरी को 7938, 21 फरवरी को 5704 , 28 फरवरी को 5482 पकड़े गए। अगला विशेष चेकिंग अभियान बिना हेल्मेट व सीट बेल्ट सात मार्च को चलेगा।

50 फीसदी हादसे कम करना है लक्ष्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में वर्ष 2010 की तुलना में 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों की संख्या में 50 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए परिवहन विभाग और संबंधित विभागाध्यक्ष अपने अपने तरीके से सड़क सादसों में कमी लाने के मकसद से कार्य करते रहेंगे। ताकि आगामी दो वर्षो में लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

सड़क सुरक्षा कोष की अध्यक्षता मंडलायुक्त करेंगे

सड़क पर सुरक्षित यात्रा करना अन्य प्रदेशों की अपेक्षा यूपी में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। इसका आंकलन बीते तीन वर्षो तक किए गए सर्वे में सामने आया है। इसी के मद्देनजर उप्र में सड़क सुरक्षा नीति-2014 बनाई गई। सड़क सुरक्षा कोष नियमावली-2014 बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा समितियों के द्वारा लिए गए निर्णयों की अध्यक्षता मंडलायुक्त करेंगे।

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  • Web Title:road safti