Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsRising HIV Awareness Leads to Decrease in Infections Free Treatment Available
सतर्क रहकर बच सकते हैं एचआईवी संक्रमण से

सतर्क रहकर बच सकते हैं एचआईवी संक्रमण से

संक्षेप:

Lucknow News - एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ने से संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि मुफ्त इलाज उपलब्ध है और नई दवाओं से उपचार आसान हो गया है। एचआईवी की नियमित जांच और इलाज से संक्रमित लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं।

Dec 01, 2025 07:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

एचआईवी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसकी वजह से संक्रमितों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। लेकिन एचआईवी को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किन्हीं कारणों से संक्रमण हो गया है तो इलाज जरूर कराएं। सरकारी संस्थानों में एचआईवी का मुफ्त इलाज है। यह जानकारी लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कही। सोमवार को लोहिया संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से जागरुकता कार्यक्रम हुआ। उपरियांग नगरीय स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केन्द्र में कार्यक्रम हुआ। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि एचआईवी की नई दवाओं से इलाज आसान हो गया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

संक्रमण पर काबू पाना आसान हो गया है। रोजाना एक गोली से एचआईवी का इलाज मुमकिन हो गया है। डॉक्टर की सलाह पर नियमित जांच कराएं। संक्रमित महिलाएं भी सामान्य शिशु को जन्म दे सकती हैं। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसडी कांडपाल ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नतीजतन भारत में एड्स संक्रमित लोगों की संख्या 2010 की तुलना में वर्तमान में काफी कम हो गयी है। भारत में एडसग्रसित व्यक्तियों की संख्या लगभग 0.2 प्रतिशत है। जबकि उत्तर प्रदेश में यह 0.1 प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि जागरुकता से एचआईवी से बचाव संभव है। इस मौके पर संस्थान के एमबीबीएस बैच-2023 के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक पेश कर लोगों को एचआईवी संक्रमण फैलने की जानकारी दी। इसमें असुरक्षित यौन संबंध, एचआईवी संक्रमित खून को दूसरे व्यक्ति में चढ़ाने से, साझा की गयी संक्रमित सुइयों से एवं संक्रमित मां से उसके गर्भस्थ शिशु में। उन्होंने कहा कि बीमारी का भान होने पर तुरन्त यदि एचआईवी की जांच कराई जाए। एआरटी सेन्टर से दवाओं का सेवन शुरू किया जाए। तो संक्रमित मरीज भी स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है। कार्यक्रम में डॉ. पीयूष कारीवाला, डॉ. रश्मि कुमारी समेत अन्य डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद रहे।