
सरसों की बुआई सरल और तेज प्रक्रिया से होगी
Lucknow News - -केएमसी के शिक्षक ने डिजाइन की मशीन -मशीन से बुआई में लगेंगे कम बीज लखनऊ,
लखनऊ, संवाददाता। अब सरसों की बुआई अब कम मेहनत, सरल और तेज प्रक्रिया से होगी। पारंपरिक पद्धति की तुलना में बीज भी काफी कम लगेंगे। केएमसी भाषा विवि के सहायक प्रोफेसर इंजीनियर विवेक कुमार बाजपेयी ने ऐसी मशीन डिजाइन की है। उन्हें भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है। वे विवि के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत हैं। यह जानकारी प्रवक्ता डॉ. रुचिता सुजय चौधरी ने दी। विवेक ने बताया कि अब तक सरसों की बुआई के लिए कोई विशेष मशीन उपलब्ध नहीं थी, किसान पारंपरिक तरीकों पर निर्भर थे। इससे अधिक बीजों की खपत और श्रम की भी बर्बादी होती थी।

इस नई मशीन की मदद से सरसों के बीजों की रो टू रो दूरी 30 सेंटीमीटर व प्लांट-टू-प्लांट दूरी 12 से 15 सेंटीमीटर के हिसाब से बुआई की जा सकती है। इस उपलब्धि पर विवि कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध और नवाचार का मकसद केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और किसानों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है। इंजीनियर विवेक का यह आविष्कार विश्वविद्यालय के विजन को साकार करता है, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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