
‘कवच’ से रेल नेटवर्क में बदलाव आएगा: महानिदेशक
Lucknow News - फोटो- -सीआईआई व आरडीएसओ के कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने रखी बात -प्रौद्योगिकी विकास के लिए
फोटो- -सीआईआई व आरडीएसओ के कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने रखी बात -प्रौद्योगिकी विकास के लिए उद्योगों के सहयोगों पर चर्चा की गई लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। स्वदेशी रूप से विकसित सुरक्षा और संरक्षा प्रणाली 'कवच' रेल गतिशीलता तंत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। हम संपूर्ण रेल नेटवर्क को कवच ईकोसिस्टम के अंतर्गत लाने की योजना बना रहे हैं। आरडीएसओ देश भर के सभी आईआईटी और विज्ञान संस्थानों के साथ विभिन्न परियोजनाओं पर सहयोग स्थापित कर रहा है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत प्रौद्योगिकी विकास और एआई आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं की खोज की जा सके। यह बात आरडीएसओ के महानिदेशक उदित बोरवांकर ने कही।
वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और आरडीएसओ के संयुक्त रूप से रेलवे में नवीन प्रौद्योगिकियों पर आयोजित सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरडीएसओ भारतीय रेल को तकनीकी समाधान प्रदान करता है। इस समाधान में आज पटरियों की गति क्षमता 75 से बढ़कर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है। इसे 200 किमी प्रति घंटे का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज एक रेक में 2000 यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता है। माल ढुलाई की क्षमता 150 टन प्रति एक्सल से बढ़कर लगभग 250 टन प्रति एक्सल हो गई है। सम्मेलन के अध्यक्ष एवं अवध रेल इन्फ्रा लिमिटेड के एमडी अभिषेक सर्राफ ने कहा कि भारतीय रेल देश को प्रगति की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य करती है। प्रदेश में 1500 किमी मेट्रो रेल नेटवर्क की योजना सम्मेलन में यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि विकसित यूपी 2047 के योजना के तहत, उत्तर प्रदेश में 1500 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क जोड़ने की परिकल्पना है, जिसमें से अकेले लखनऊ में 200 किलोमीटर से अधिक और कानपुर व आगरा में 550 किलोमीटर का नेटवर्क विकसित करने की योजना है। प्रदेश के 7 और शहरों को मेट्रो रेल नेटवर्क में शामिल करने की भी योजना है, ताकि वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

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