
नकली दांत लगाना अब होगा आसान! डॉक्टरों ने खोजा नया इलाज; दर्द में मिलेगी राहत, बड़ा चीरा नहीं लगेगा
Lucknow News - नकली दांत लगवाना अब सरल हो गया है। अब नकली दांतों को लगाने के लिए बड़ा चीरा टांका लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीबीसीटी स्कैन से इम्प्लांट लगाने के स्थान की सटीक पहचान की जा सकेगी। कम समय में सटीक इम्प्लांट व नकली दांत प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। इस तकनीक को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी कहते हैं।
नकली दांत लगवाना अब सरल हो गया है। अब नकली दांतों को लगाने के लिए बड़ा चीरा टांका लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीबीसीटी स्कैन से इम्प्लांट लगाने के स्थान की सटीक पहचान की जा सकेगी। कम समय में सटीक इम्प्लांट व नकली दांत प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। चिकित्सा विज्ञान में इस तकनीक को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी कहते हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश डेंटल काउंसिल के उपाध्यक्ष व केजीएमयू दंत संकाय में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के डॉ. कमलेश्वर सिंह ने दी।
गुरुवार को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी पर कार्यशाला हुई। डॉ. कमलेश्वर सिंह ने कहा कि अब नकली दांत लगाना और आसान हो गया है। इम्प्लांट लगाने से पहले कम्प्यूटर आधारित सीबीसीटी स्कैन कराना अधिक फायदेमंद होता है। इससे इम्प्लांट लगाने के स्थान को देखा जाता है। नर्व व साइनस कितनी दूर रहेगा? इसके अलावा मसूढ़े की हड्डी की मोटाई और लंबाई की भी देखी जा सकेगी। इससे इम्प्लांट सटीक स्थान पर प्रत्यारोपित करने में मदद मिल सकती है। प्रत्यारोपण के बाद मरीज को दर्द कम होता है। सूजन व नसों को चोट कम पहुंचती है।
डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सीबीसीटी और डिजिटल इंप्रेशन का इस्तेमाल करके सावधानी से डायग्नोसिस से शुरू होता है। इससे ऑपरेशन में गलती की गुंजाइश कम हो जाती है। मरीज के जल्द ठीक होने की उम्मीद बढ़ जाती है।

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