
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर बड़ा फ्रॉड! रिटायर्ड अधिकारी से लाखों ठगे
Lucknow News - गोमतीनगर के विवेक खंड निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक मिश्रा के साथ जालसाजों ने क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए। उन्होंने डीसीपी क्राइम को शिकायत दी, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। जालसाजों ने बहाने से उनसे पैसे लिए, लेकिन उन्हें उनकी राशि वापस नहीं मिली।
गोमतीनगर के विवेक खंड निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी से जालसाजों ने क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये ठग लिये। पीड़ित ने डीसीपी क्राइम से शिकायत की। जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। गोमतीनगर के विवेक खंड निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग वेबसाइट द फर्स्ट एसेट ब्लॉकचेन यूनिवर्स ट्रेसेबिलिटी के माध्यम से उनके साथ ठगी की गई। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए निकिता त्रिपाठी से संपर्क हुआ। महिला ने उन्हें 10,000 रुपये से ट्रेडिंग शुरू करने का सुझाव दिया। ट्रेडिंग शुरू की तो कुछ दिनों तक लाभ दिखाया गया।
उसके बाद महिला ने उन्हें विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया, जिसने फोटो और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी पहचान की जानकारी लेकर लंबी अवधि का एग्रीमेंट कराया। फिर भुगतान देने के लिए कई तरह के बहाने बनाए। सर्विस चार्ज, कैपिटल गेन टैक्स 6,56,505 रुपये, लार्ज चैनल चार्ज 8,68,575 रुपये, कनवर्जन चार्ज और चेक एक्टिवेशन शुल्क 10,67,157 रुपये। हर बार भुगतान करने के बावजूद उन्हें अपनी राशि नहीं मिली। जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश कुमार यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।

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