थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो भाइयों ने रिटायर सैन्य अफसर को मार दी गोली, गिरफ्तार
Lucknow News - सुशांत गोल्फ सिटी में एक रिटायर एयरफोर्स अफसर अवधेश कुमार पाठक को गोली मारी गई। पुलिस ने दुर्गेश मिश्रा और उसके भाई अमित को गिरफ्तार किया। दोनों ने व्यक्तिगत अपमान का बदला लेने के लिए यह अपराध किया। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने आठ टीमों का गठन किया और 300 सीसीटीवी फुटेज देखी।

सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में क्लाउड किचन चलाने वाले रिटायर एयरफोर्स अफसर अवधेश कुमार पाठक के माथे पर गोली मारे जाने के मामले में पुलिस ने दुर्गेश मिश्रा और उसके भाई अमित को गिरफ्तार कर लिया। दो महीने पहले अमित बाइक से अवधेश की कार ओवरटेक कर रहा था। इस बीच अवधेश ने उसे गाली दी और बाइक रोककर थप्पड़ मारे थे। गाली और थप्पड़ों के अपमान का बदला लेने के लिए अमित ने अवधेश के माथे पर गोली मारी थी। यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में हुआ। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने घटना का राजफाश करने वाले इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय और उनकी टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
पुलिस उपायुक्त के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में अमेठी के सेमरा गांव निवासी अमित मिश्रा और उसका भाई दुर्गेश है। दोनों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त बाइक, तमंचा और कोखा बरामद कर लिया गया है। दोनों 30 जनवरी की रात शॉपिंग स्क्वायर अंसल स्थित अपने क्लाउड किचन पहुंचे। वहां अवधेश मिले, नाम पूछकर उनके माथे पर गोली मार दी थी। वारदात के बाद दोनों बाइक से फरार हो गए थे। अवदेश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उनकी जान बच गई। हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना के राजफाश के लिए एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव के निर्देशन में इंस्पेक्टर राजीव रंजन और सर्विलांस की टीम लगाई गई थी। तफ्तीश में पता चला कि 28 नवंबर को अमित मिश्रा एसबीआई अर्जुनगंज शाखा से रुपए निकालकर जा रहे थे। इस दौरान बेस्ट प्राइस मोड़ के पास उसने अवधेश कुमार पाठक की कार को ओवरटेक करने की कोशिश किया, लेकिन बाइक बंद हो गई। अवधेश कुमार ने इस पर उसे डांटा, अंग्रेजी में मां की गाली थी। इतना ही नहीं अमित को थप्पड़ मारकर गाड़ी हटाने को कहा। अमित अपमानित महसूस कर रहा था। इसका बदला लेने के लिए उसने अवधेश कुमार को सबक सिखाने के लिए भाई के साथ मिलकर साजिश रची थी।
एसीपी के मुताबिक अमित ने अलीगढ से बीए (आनर्स) पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 में उसकी मां की हत्या हो गई थी, इससे वह काफी आहत था। उस दौरान उसने एक परिचित के माध्यम से तमंचा खरीद लिया था। अपने पास रखता था। अमित ने मार्च 2024 में शॉपिंग स्क्वायर अंसल में अमीटो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक दुकान किराये पर लेकर ऑनलाइन फल और सब्जी का व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन मार्च 2025 में उसने दुकान खाली कर अमेठी में अपना ऑफिस बना लिया। वहीं से काम करने लगा। मई 2025 में अवधेश कुमार पाठक ने भी उसी शॉपिंग स्क्वायर में क्लाउड किचन शुरू किया था।
इंस्पेक्टर के मुताबिक अमित शातिर था उसे लगता था कि अवधेश उसे पहचान सकते हैं। इसलिए उसने घटना की रात करीब 10 बजे जैसे ही पहले क्लाउड किचन में अपने भाई दुर्गेश को भेजा था। दुर्गेश से कहा था कि अगर अवधेश मिले तो वह उसे बातों में उलझा ले। पीछे से वह भी पहुंच जाएगा। अवधेश कुमार पाठक अपनी दुकान से नीचे उतरकर कार के पास पहुंचे, दुर्गेश ने उन्हें बातचीत में उलझाया और इस बीच अमित पहुंचा उसने तमंचा निकालकर नाम पूछा और माथे पर गोली मार दी थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए आठ पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस और सर्विलांस सेल ने करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद गुरुवार भोर चौकी अंसल क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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