
सड़कों के गड्ढे भरने की बजाय पल्ला झाड़ रहे विभाग
संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ की सड़कों पर हो रहे हादसों के लिए नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एलडीए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। गड्ढों के कारण एक महिला की मौत हो गई, लेकिन चार दिन बाद भी किसी ने गड्ढा नहीं भरा। 60 से अधिक सड़कों पर विवाद जारी है, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं।
नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एलडीए एक दूसरे पर कर रहे दोषारोपण जिन सड़कों पर मौत हो रही है, उन्हें भी नहीं ठीक नहीं करा रहे विभाग एक दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी लखनऊ, प्रमुख संवाददाता लखनऊ की सड़कों पर हादसों के गड्ढों को भरने की बजाय जिम्मेदार विभाग आपस में ही लड़ रहे हैं। एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम तथा एलडीए, सभी अपना-अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, सड़कों के गड्ढे नहीं भरवा रहे हैं। मौत हुई तो एक्सईएन ने सड़क पीडब्ल्यूडी की बताई मानसरोवर योजना के सेक्टर-पी में सनराइज अपार्टमेंट के सामने की 18 मीटर चौड़ी सड़क को लेकर भी जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं।

इस सड़क पर बीते गुरुवार को गड्ढों की वजह से 45 वर्षीय महिला पूनम की दुर्घटना में मौत हो गई थी। नगर निगम के अधिशासी अभियंता शील श्रीवास्तव ने यह सड़क लोक निर्माण विभाग की बताई थी। उन्होंने कहा था कि सड़क लोक निर्माण विभाग की ही है और इसके लिए उन्होंने विभाग को पत्र भी लिखा है तथा मौखिक जानकारी भी दी है। चार दिन बाद भी नहीं भरा गड्ढा स्थिति यह है कि सड़क पर गड्ढे से हुई मौत के चार दिन बाद भी किसी जिम्मेदार विभाग ने सड़क का गड्ढा नहीं भरा है। रविवार को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सौरभ पांडेय ने बताया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग की नहीं है। यह सड़क एलडीए की है। दोबारा पूछने पर नगर निगम एक्सईएन शील श्रीवास्तव ने कहा कि दो दिन बाद इसका गड्ढा भरवाना शुरू करेंगे। इन सड़कों पर विवाद अयोध्या रोड पर चंदन हॉस्पिटल से अवध बस डिपो की सर्विस रोड को लेकर भी विवाद की स्थिति है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सौरभ पांडेय ने कहा कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग की नहीं है। जबकि एलडीए के मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा ने कहा कि सड़क लोक निर्माण विभाग की है। इस सड़क पर भी बहुत बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और रोजाना लोग चोट खाकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस सड़क का कोई वारिस नहीं बन रहा है। कैंट की तरफ जाने वाली रोड को लेकर भी विवाद केकेसी पुल के पास से सदर कैंट की तरफ जाने वाले मार्ग को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग ने अपना होने से इनकार कर दिया है, जबकि नगर निगम भी इसे अपनी नहीं बता रहा है। इस सड़क पर भी हाल में ही बड़ा हादसा हुआ था। सड़क पर ही बड़े-बड़े गड्ढे हैं। राजधानी की 60 से ज्यादा सड़कें लोक निर्माण विभाग, नगर निगम तथा एलडीए के विवाद में फंस गई हैं। जो सड़क हमारी नहीं है, उसे भी नगर निगम और एलडीए लोक निर्माण विभाग की बता रहे हैं। हम लोग लगातार सड़कें दुरुस्त कर रहे हैं, लेकिन दूसरे विभाग गलत तरीके से जिम्मेदारी थोप रहे हैं। सत्येंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग हमारी जानकारी में मानसरोवर सेक्टर-पी की सड़क लोक निर्माण विभाग की है क्योंकि यह 18 मीटर चौड़ी सड़क है। यह सड़क लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर हुई है। अगर वे गड्ढे नहीं भरवा रहे हैं तो हम दो दिनों में इस सड़क के गड्ढे भरवा देंगे। शील श्रीवास्तव, नगर अभियंता, नगर निगम

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