बोले लखनऊ: 10 साल से कॉलोनी के निवासियों को सड़क का है इंतजार

Apr 06, 2026 08:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - जानकीपुरम वार्ड के सीता विहार कॉलोनी के निवासी 10 सालों से सड़क का निर्माण नहीं होने से परेशान हैं। क्षेत्रीय विधायक और नगर निगम के अधिकारियों से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद सड़क का निर्माण नहीं हुआ। बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ से निवासियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बोले लखनऊ: 10 साल से कॉलोनी के निवासियों को सड़क का है इंतजार

जानकीपुरम वार्ड नंबर एक में स्थित सीता विहार कॉलोनी के निवासियों को 10 साल से सड़क का इंतजार है। हर बार उन्हें क्षेत्रीय विधायक, पार्षद सहित नगर निगम के अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया जाता है। बाद में बजट की कमी बता कर अगले साल सड़क बनाने का वादा किया जाता है। सड़क न बनने से कॉलोनी के 300 से अधिक घरों के 1800 निवासियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क कच्ची होने के कारण बारिश के दिनों में जलभराव और कीचड़ से लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते तो महिलाएं और बुजुर्ग घरों में कैद हो जाते हैं।

कॉलोनी में अधिकतर मकान बड़े बने हुए हैं। एक अच्छे, सुविधाजनक घर और अच्छी कॉलोनी में रहने का सपना पाले लोगों ने आवास निर्माण में लाखों रुपये खर्च किए हैं। सड़क न बनने से उनके सपने टूट रहे हैं।जानकीपुरम की नहरिया रोड से सीता विहार कॉलोनी की तरफ मुड़ते ही कच्ची सड़क से सामना होता है। जिस पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे तक हैं। सीता विहार कॉलोनी की डिवाइन वेलफेयर सोसायटी(पंजीकृत) के संरक्षक जगदीश शुक्ला सहित हिन्दुस्तान की टीम का इंतजार कर रहे कॉलोनीवासियों ने कहा कि मुख्य सड़क से आते समय ही देख लिया होगा कि हमारी मुख्य समस्या क्या है। जगदीश शुक्ला ने बताया कि कॉलोनी बने 10 साल हो गए, लेकिन आज तक एक बार भी यहां सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। पूरी कॉलोनी में छह गलियां हैं, हरेक जगह कच्चा रास्ता है। कहा कि शासन-प्रशासन से कई बार हम कॉलोनी के लोगों ने सामूहिक रूप से सड़क बनवाने के लिए अनुरोध करते हुए प्रार्थना दिया है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डॉ. सोनिया वर्मा ने कहा कि पूरी कॉलोनी में एक भी छोटा घर नहीं है। सब घर बड़े-बड़े और अच्छे बने हुए हैं, लेकिन सड़क न बनने से इन घरों में रहने वाले लोग परेशान हैं। आए दिन कच्ची सड़क के गड्ढे में फंस कर कोई न कोई दोपहिया वाहन सवार गिर कर चोटिल होता है। इसमें बच्चों की संख्या ज्यादा रहती है।उड़ती धूल और गड्ढे बना रहे बीमार-कॉलोनी के लोगों ने बताया कि पूरी कॉलोनी में कहीं भी चले जाइए कच्ची सड़क के कारण धूल उड़ती रहती है, जिससे यहां के बुजुर्गोँ सहित युवाओं में सांस की तकलीफ होने लगी है। विनोद कुमार दीक्षित कहते हैं कि सड़क के गड्ढे और धूल यहां के लोगों को बीमार बना रहे हैं। आलोक कुमार मिश्रा बताते हैं कि सुबह से शाम तक वाहनों की आवाजाही के कारण धूल उड़ती रहती है। रोजाना घरों में धूल की परत जमा हो जाती है, जिससे साफ करने में बड़ी मेहनत पड़ती है। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि धूल से यहां के बुजुर्गो को सांस की समस्या होने लगी है। बच्चे और युवा सड़क के गड्ढों में चोटिल हो रहे हैं। दोनों ही स्थिति में बीमार बन जा रहे हैं। लोगों ने कहा कि धूल से बचने के लिए कुछ लोग अपने घरों के आगे छिड़काव करने की सोचते हैं तो कच्ची सड़क होने के कारण वहां कीचड़ हो जाता है। ऐसे में वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है।बारिश में घर से निकलना मुश्किल हो जाता-कॉलोनी के लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में मुख्य सड़क से कॉलोनी की तरफ आना बड़ी चुनौती होती है। क्योंकि जिल निकासी की सुविधा न होने के कारण कच्ची सड़क पर पानी भर जाता है। कीचड़ हो जाता है। गड़ढों का पता नहीं चलता है। ऐसे में दोपहिया वाहन सवारों के सामने इस सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है। चारपहिया वाहनों के पहिए भी फिसलते हैं। पूरी कॉलोनी में हर तरफ जलभराव से टापू की स्थिति बन जाती है। घरों के दरवाजे तक पानी आ जाता है। ऐसी स्थित में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गोँ का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। लगातार बारिश के दौरान तो बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है, क्योंकि स्कूली के वैन वाले कॉलोनी में आने से मना कर देते हैं। नेहा ने बताया कि उस दौरान इतना ज्यादा पानी भर जाता है कि घर से निकलना ही बंद हो जाता है। वैन न आने से खुद बच्चों को स्कूल छोड़ने की सोचते हैं, लेकिन जलभराव के कारण संभव नहीं हो पाता है। महेश पांडेय बताते हैं कि उस दौरान तो हम कॉलोनीवासी कट से जाते हैं। कारण है कि न तो स्कूली वैन आती है और न ही कोई डिलीवरी ब्वाय ही आना है। कोई सामान लाने के लिए बाइक से जाते समय भी बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। बच्चों के लिए न पार्क नहीं, कच्ची सड़क पर खेल नहीं पातेकॉलोनी के बच्चों के खेलने के लिए कहीं पार्क नहीं है और कच्ची सड़क पर धूल और गड्ढों के कारण अपने घर के सामने खेल नहीं पाते। कॉलोनी निवासी रूप कुमारी ने बताया कि जब यहां मकान बना रहे थे तो लगता था कि जानकीपुरम में हर तरफ सड़क बनी है, टूटी सड़कों की मरम्मत हो रही है तो यहां भी सड़क जरूर बनेगी। आज यहां रहते 10 साल हो गए, एक बार भी सड़क नहीं बनी। कहा कि सबसे बड़ी समस्या बच्चों के खेलने की है। पार्क नहीं होने के कारण वह कहीं खेल नहीं पाते। घर के सामने खेलने का प्रयास करते हैं कच्ची सड़की की उड़ती धूल और गड्ढों के कारण परेशानी होती है। ऐसे में बच्चें घरों के अंदर ही खेलने को मजबूर हैं।छह महीने में सात लोग चोटिल हो चुकेसीता विहार कॉलोनी की कच्ची और गड्ढे वाली सड़क की चपेट में आकर छह महीने में ही सात लोग चोटिल हो चुके हैं। पैर पर चढ़ा प्लास्टर दिखाते हुए विमल कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि स्कूटी से वह अपनी पत्नी के साथ जा रहे थे कि गड्ढे की फंस कर स्कूटी सहित गिर पड़े। पत्नी को तो ज्यादा चोट नहीं आई, लेकिन उनका बांया पैर फ्रैक्चर हो गया। प्लास्टर चढ़वाया है। महीनों से बिस्तर पर हैं। आना-जाना बंद है। पुलिस से सेवानिवृत्त विमल कहते हैं कि मैं तो रिटायर हूं। लेकिन तमाम ऐसे लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैँ जो कि नौकरी में है। उनके अलावा कॉलोनी निवासी राधिका, सुनील, कुशवाहा जी, रमेश, अनिल कुमार और चंदन भी गिरकर चोटिल हो चुके हैं। डॉ. सोनिया वर्मा ने बताया कि बच्चे तो रोजाना गड्ढों के कारण गिर कर चोटिल हो रहे हैं। गनीमत है कि उन्हें ज्यादा चोट नहीं आती है।सीवर लाइन बिछा दी पर घरों से नहीं जोड़ासीता विहार कॉलोनी में जल निकासी की सुविधा नहीं है। कहीं भी नगर निगम की तरफ से नालियां नहीं बनवाई गई हैं। लोगों ने अपने स्तर पर ही अपने घर के सामने नाली बनवाई है। डेढ़ साल पहले जब जल निगम ने कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाई तो लगा कि अब घरों की नालियों का पानी इसके जरिए निकल जाएगा, जिससे सड़कों किनारे पानी जमा नहीं होगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। जल निगम ने कुछ सीमित घरों को ही सीवर लाइन से जोड़ा है। खास बात है कि कॉलोनी की सीवर लाइन को मुख्य सड़क से होकर गुजरी मेन सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण सीवर लाइन होना न होने के बराबर है। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि मेन सीवर लाइन से न जुड़ने के कारण सीवर लाइन जाम हो गई है। उसका गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिससे उठती दुर्गंध से हम सब परेशान हैं।चंदा लगा कर गड्ढे भरवाए-कॉलोनी के लोगों ने बताया कि नगर निगम में जब कोई सुनवाई नहीं हुई तब मजबूरी में हम लोगों ने चंदा कर सड़क के गड्ढों को भरवाया। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर मजदूर लगा कर अपने घर के सामने की सड़क बनवाई। कुछ ने खड़ंजा बिछवाया। लेकिन, पूरी कॉलोनी में ऐसे गिने-चुने घर हैं जहां लोगों ने यह काम करवाए हैं। मुख्य सड़क पर गड्ढा भरवाने में कई ट्रैक्टर मिट्टी और भवन सामग्री का मलबा डलवाया, लेकिन हर साल बारिश में मिट्टी बह जाती है और फिर वही गड्ढा उभर जाता है।पांच सुझाव-1-कॉलोनी में एक व्यक्ति पानी का व्यापार कर रहा है, उसे बंद कराया जाना चाहिए। ऐसा करने पर साल दर साल घट रहे जलस्तर से राहम मिलेगी। पानी का दोहन भी नहीं होगा।2-स्ट्रीट लाइट न होने से शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है। नगर निगम को चाहिए कि मुख्य सड़क पर तो कम से स्ट्रीट लाइट लगवा दे, जिससे रात को आवाजाही आसान हो।3-जलभराव और झाड़यों से मच्छर पनप रहे हैं, उन पर नियंत्रण के लिए नगर निगम को एंटी लार्वा और मच्छरोधी दवा का छिड़काव करवाना चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिले।4-कॉलोनी के लोग हाउस टैक्स दे रहे है, इसलिए नगर निगम का फर्ज बनता है कि यहां पर नियमित तौर पर सफाई कर्मचारी भेजे। नालियों की नियमित रूप से सफाई करवाए।5-तार पर बिजली व्यवस्था खतरनाक है, विशेषकर बारिश के दिनों में। बिजली विभाग को यहां पर केबिल के जरिए बिजली आपूर्ति करनी चाहिए। ताकि, लोगों को खतरा न हो।पांच समस्याएं-1-कॉलोनी में एक व्यक्ति पानी का बिजनेस करता है। उसने प्लाट पर प्लांट लगा रखा है। वहां से पानी निकाल कर टैंकरों के जरिए उसकी आपूर्ति करता है, जिससे कॉलोनी का जलस्तर नीचे जा रहा।2-कॉलोनी में कहीं भी नगर निगम की तरफ से स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर इसे लगाया। वह भी कुछेक स्थानों पर, जिससे शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।3-कॉलोनी में जगह-जगह जलभराव है, खाली प्लाटों में झाड़ियां उगी हैँ, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। शाम होते ही घर की बालकनी और ओसारे में मच्छरों के कारण बैठना मुश्किल हो जाता है।4-नगर निगम का सफाई कर्मचारी यहां नहीं आता, जिससे थोड़ी बहुत बनी नालियों की सफाई नहीं होती। कूड़ा उठाने वाले भी रोजाना नहीं आते, जिससे कूड़ा फेंकने की समस्या बनी रहती है।5-यहां पर बिजली की केबिल नहीं लगाई गई है। कॉलोनी की पूरी बिजली व्यवस्था तारों के सहारे है, जो कि कई स्थानों पर नीचे तक झूल रहे हैं। जिसके कारण खतरा बना रहता है।लोग बोले-सड़क की समस्या यहां की प्रमुख समस्या है। दस साल हो गए रहते हुए। इस दौरान एक बार भी यहां सड़क का निर्माण नहीं किया गया। जबकि हम लोग नगर निगम की सीमा में रह रहे हैं।रूपा कुमारीकच्ची सड़क और उस पर हुए गड्ढे के कारण हम लोग सुबह की सैर तक नहीं कर पा रहे हैं। कॉलोनी में कहीं पार्क भी नहीं है कि वहां जाकर मॉर्निंग वॉक कर सके। नगर निगम का सोचना चाहिए।चांदरानीकच्ची सड़क और जलभराव से हम सभी परेशान हैं। सीजन आते ही यहां हर घर में डेंगू और मलेरिया का मरीज मिल जाएगा, क्योंकि जलभराव से मच्छरों की संख्या काफी बढ़ रही है।शारदा देवीबारिश के दिनों में तो घर के दरवाजे तक पानी भर जाता है। जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही यहां नालियां बनी हुई हैं। उस दौरान तो हम लोग घर में कैद हो जाते हैं।सड़क और सीवर लाइन की समस्या से हमारा कॉलोनी में रहना कष्टकारी हो गया। सोचा था कि अच्छी कॉलोनी है, सड़क और सीवर की सुविधा जल्दी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।अर्चनापूरी कॉलोनी में जहां भी जाइए आपको अच्छे घर बने हुए मिलेंगे। लेकिन, कहीं भी सड़क बनी नजर नहीं आएगी। सबने लाखों रुपये खर्च कर मकान बनवाए हैं, लेकिन सड़क न होने से सब परेशान हैं।डॉ. सोनिया वर्मासड़क निर्माण के लिए हम लोगों ने हर प्रयास कर लिए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। चंदा लगा कर यहां के गड्ढों को भरवाया गया है। लेकिन हर बारिश में मिट्टी बहने से फिर गड्ढा हो जाता है।एसपी मौर्यसीवर लाइन का कनेक्शन सभी घरों में कर दिया जाए और सीवर को मुख्य लाइन से जोड़ दिया जाए तो घरों से निकलने वाला गंदा पानी इसके जरिए निकल जाएगा। सड़क पर जमा नहीं होगा, जिससे कीचड़ नहीं होगा।राकेश सिंहकॉलोनी में कहीं भी नालियां नहीं बनी हैं। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर नालियां बनाई हैं, लेकिन घरों के सामने। इससे जल निकासी की समस्या का हल नहीं निकल रहा है। नगर निगम को सोचना चाहिए।घनश्याम सिंहइस कॉलोनी में सैकड़ों आवास बने हुए हैं। उनमें रहने वालों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाया ही जाना चाहिए। नगर निगम अभी और कुछ न करवा पाए तो कम से कम यहां की सड़क ही बनवा दे।सर्वेश वर्माबिजली के तार भी यहां की समस्या हैं। कई स्थानों पर यह ढीले हैं, बिजली विभाग को चाहिए कि पूरी कॉलोनी में बिजली व्यवस्था केबिल पर कर दी जाए। ताकि हम लोगों को सहूलियत हो।कमलेश कुमारमुख्य सड़क से लेकर कॉलोनी के हर घर तक जाने वाला रास्ता कच्चा और गड्ढायुक्त है। नगर निगम को यहां की सड़क को अविलंब बनवाना चाहिए, जिससे कि लोगों को राहत मिल सके।अवधेश कुमार श्रीवास्तवसड़क खराब होने से सबसे ज्यादा समस्या बुज़ुर्गों और बच्चों को हो रही है। बुज़ुर्ग सुबह और शाम की सैर नहीं कर पा रहे हैं, बच्चे खेल नहीं पा रहे हैं। सड़क बन जाए तो काफी राहत मिले।संजय कुमारसड़क के साथ ही यहां की सीवर लाइन की व्यवस्था भी सही किए जाने की आवश्यकता है। यह दोनों काम हो जाए तो कॉलोनी के लोगों को बहुत राहत मिलेगी। आवाजाही में दिक्कत नहीं होगी।हरीओमकॉलोनी के लोगों के सामूहिक प्रयास से यहां की कच्ची सड़क पर हुए बड़े गड्ढों से कुछ हद तक राहत तो मिली। लेकिन जब तक यहां की सड़क नहीं बन जाती, समस्या बनी रहेगी।फैजल खानआवास बनाते समय उम्मीद थी कि कॉलोनी में विकास कार्य होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज कच्ची और गड्ढायुक्त सड़क से आवाजाही करना हम लोगों की मजबूरी बन गई है।अब्दुल जब्बारएक-दो नहीं यहां बहुत समस्याएं हैं। सड़क नहीं है, नाली नहीं बनी है, जगह-जगह जलभराव और खाली प्लाटों पर झाड़ियों से पैदा हो रहे मच्छर। इन समस्याओं से हम सभी बहुत परेशान हैं।राकेश रंजनकोट-यहां पर रोड, सीवर, नालियों और गंदगी की समस्या है। सड़क बनवाने के लिए कई बार नगर निगम के अधिकारियों से अनुरोध किया जा चुका है। हर बार आश्वासन ही मिलता है। कहा जाता है कि जब सड़क बनेगी तो नाली भी बन जाएगी। जल निकासी की सुविधा न होने से बारिश में हम लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। टूटी सड़क पर गिर कर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। नगर निगम की सीमा में हम लोग हैं। लिहाजा, नगर निगम को चाहिए कि वह यहां विकास कार्य कराए।जगदीश शुक्ला, संरक्षक, डिवाइन वेलफेयर सोसायटी(पंजीकृत)कोट-नगर निगम सीमा में शामिल हुई नई कॉलोनियों का सर्वें कराया जा रहा। आवश्यकता के अनुसार और वित्तीय उपलब्धता के आधार पर सड़क और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम का प्रयास है कि नई शामिल कॉलोनियों में सड़क और नालियों का काम जल्द कराया जाए। बिजली के तारों की समस्या बिजली विभाग ही दूर करेगा। स्ट्रीट लाइट की समस्या नगर निगम से हल की जाएगी।महेश चन्द्र वर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम

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