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Lok Sabha elections 2019 : राम लहर हो या मोदी लहर ‘राजा’ का रिकॉर्ड नहीं टूटा 

Lok Sabha elections 2019 : राम लहर हो या फिर मोदी लहर। गोण्डा संसदीय सीट पर वर्ष 1984 व 1989 में सर्वाधिक मतों से विजयी हुए मनकापुर नरेश राजा आनंद सिंह का रिकार्ड कोई अब तक नहीं तोड़ पाया। वर्ष 1971 के आम चुनाव में वह महज 631 मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी बीजेएस के देवेंद्र प्रताप सिंह को हराने में सफल हो सके थे।

वर्ष 1991 में देश भर में राम लहर चली। बीजेपी को इसका पुरजोर फायदा मिला। तब यहां भाजपा से ही बृजभूषण शरण सिंह भी सांसद हुए थे लेकिन विजय मत 1.02 लाख पर ही अटक गए थे। इससे डेढ़ साल पहले निपटे चुनाव में कांग्रेस से आनंद सिंह ने जहां 1.64 लाख तो वहीं वर्ष 1984 में 1.65 लाख सर्वाधिक मतों से विजयी हुए। 2014 में मोदी लहर चली तो भाजपा के बैनर तले कीर्तिवर्धन सिंह ने कुछ ही कम लेकिन जीत मत 1.60 लाख हासिल कर लिया। 

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आमचुनाव में अब तक की हार-जीत के बीच का सबसे कम फासला 1962 के चुनाव में रहा। इस चुनाव में कांग्रेस से रामरतन गुप्त को 80927 मत मिले तो एसडब्ल्यूए के डांडेकर नरायन 80439 वोट पाकर रनर रहे। इनमें सिर्फ 498 वोटों का अंतर रहा। 

1957 में भी कांग्रेस के दिनेश प्रताप सिंह और आईएनडी के श्याम बिहारी के बीच महज 898 मतों का फासला रहा। 1967 के लोस चुनाव में कांग्रेस की सुचेता कृपलानी 11661, 1977 में जनता पार्टी से सत्यदेव सिंह 71273, 1980 में आनंद सिंह 72926 और 1996 में केतकी सिंह 67149 मतों से सांसद बनीं थीं। 

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  • Web Title:Ram wave or Modi wave raja record not broken