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अलौकिक विशेषता को पहचान कर बढ़ें आगे : राज्यपाल

नोएडा से आए 111 दिव्यांग बच्चों से मिले राम नाईक

प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि शरीर में कोई कमी होना दोष नहीं है। यदि एक अंग की शक्ति कम होती है तो मनुष्य के पास दूसरा कोई न कोई गुण विशेष रूप से बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसीलिए दिव्यांग शब्द दिया है। दिव्यांग बच्चों को अपनी अलौकिक विशेषता को पहचान कर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

श्री नाईक रविवार को श्री नारायण सांस्कृतिक चेतना न्यास व श्री चित्रगुप्त सभा ट्रस्ट नोएडा की ओर से दिव्यांग बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए आयोजित ‘राज्यपाल से एक मुलाकात कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह आयोजन राजभवन में किया गया था, जिसमें लगभग 111 दिव्यांग बच्चे शामिल थे। वे नोएडा से लखनऊ तक का हवाई सफर तय करके अपनी संस्था के पदाधिकारियों, शिक्षकों व चिकित्सकों के साथ राजभवन पहुंचे थे। इससे पूर्व ये बच्चे जयपुर और अहमदाबाद की भी यात्रा कर चुके हैं। इस मौके पर संस्था के मुख्य न्यासी डॉ. राजन कुमार समेत संस्था के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों ने राज्यपाल के सामने राष्ट्रगान एवं भजन प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने संस्था को अपनी पुस्तक ‘चरैवेति चरैवेति की हिन्दी प्रति भी भेंट की।

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  • Web Title:Ram Naik met handicaped students