आपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं का पराक्रम देखने को मिला: राजनाथ सिंह
- लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण - यूपी के जवानों ने हर युद्ध

लखनऊ, विशेष संवाददाता
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी तीनों सेनाओं का पराक्रम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को मिला। उस समय नेवी पूरी ताकत के साथ अरब सागर में मौजूद थी। यूपी के जवानों ने प्रत्येक युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा की है। इसी सोच से लखनऊ में डीआरडीओ की प्रयोगशालाएं शुरू की गई हैं।
भारत की रक्षा क्षमता
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय नेवी पूरी ताकत के साथ अरब सागर में मौजूद थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से इस बात पर सदैव बल दिया कि भारत सही मायनों में ताकतवर तभी कहलाएगा, जब सेनाओं को हथियार के लिए दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का विजन देश के सामने रखा। भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46,000 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। जून समाप्त होते-होते यह बढ़कर पौने दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका होगा। वर्ष 2014 तक भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, लेकिन यह बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये हो गया है।
डिफेंस कॉरिडोर और विकास
उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर से यूपी देश के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस का भी निर्माण हो रहा है, जो देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत कर रहा है। आज डिफेंस के साथ-साथ हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ट्रेड एंड कॉमर्स, रोड्स, हाई-वे, एयरपोर्ट्स आदि क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन सम्मान व गौरव का क्षण है। आने वाले समय में यह शौर्य वाटिका न केवल लखनऊ के लिए एक प्रेरणा स्थल बनेगी, बल्कि एक टूरिस्ट हब के लखनऊ की पहचान बनेगी। यह सभी चीजें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। शौर्य वाटिका और म्यूजियम केवल स्थापत्य कला या बनावट का नमूना भर नहीं है। यह हमें हमारी सेनाओं की याद दिलाती रहेगी। मेरा प्रयास रहता है कि जिन उपकरणों ने दशकों तक हमारी सेवा की है, वह रिटायर होने के पश्चात हमारे स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रदर्शित हो। आज रूस-यूक्रेन विवाद और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के साथ-साथ सम्पूर्ण दुनिया में उथल-पुथल मची है, जो हमें यह संदेश दे रही है कि दुनिया की शांति और समृद्धि की चाभी समुद्री मार्गों की सुरक्षा में निहित है।
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