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सबकी जुबां पर यही सवाल-आखिर खुदकुशी क्यों की राजेश साहनी ने

कई सवाल उठ रहे अभी भी, पुलिस अफसर भी कुछ नहीं बोल रहेएटीएस में सहयोगियों ने चुप्पी साधी, गनर भी बात नहीं कर रहा किसी सेलखनऊ। प्रमुख संवाददाताएटीएस के एएसपी राजेश साहनी ने क्या वास्तव में छुट्टी के विवाद में खुद को गोली मार कर खुदकुशी कर ली या इसके पीछे कोई बड़ी वजह थी? क्या इस वजह से उनका अपने किसी अधिकारी से विवाद हुआ जो वह इतना तनाव में आ गए कि यह कदम उठाने को मजबूर हो गए? ऐसे ही तमाम सवाल बुधवार को पुलिस लाइन से लेकर अंत्येष्टि स्थल लखनऊ के बैकुंठ धाम तक लोगों की जुबां पर रहे। किसी के गले यह बात ही नहीं उतर रही थी कि यह किसी क्षणिक विवाद में लिया गया कदम है। कुछ रिश्तेदारों ने इस पूरे घटनाक्रम को ही संदिग्ध बताया। राजेश साहनी ने मंगलवार दोपहर 12:45 पर अपने दफ्तर में खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद जिसने भी इस खबर को सुना, वह अवाक रह गया था। दरअसल बेहद शांत स्वभाव के राजेश साहनी ऐसा कदम उठा सकते हैं, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी। इस वजह से ही उनकी मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही है। एटीएस दफ्तर में ही छिपा है राजराजेश को बेहद करीब से जानने वाले एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यह सामान्य मामला नहीं है। एटीएस दफ्तर के अंदर ही कुछ ऐसा हुआ है जिसने उन्हें बेहद तनाव में ला दिया। इस अधिकारी का कहना था कि अब यह वजह अफसरों को सामने लानी होगी। उनके साथ लखनऊ में तैनात रहे एक अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि अगर इस घटना से अभी सबक नहीं लिया तो आगे किसी और को इस तरह से तनाव में आना पड़ सकता है। इन्होंने कुछ वरिष्ठ अफसरों के रवैये पर भी नाराजगी जताई।ट्विटर पर शुरू हुई राजेश साहनी को इंसाफ दिलाने की मुहीम#justiceforrajeshsahani के नाम से शुरू हुआ हैशटैगदोस्त बोले राजेश की मौत का सच आए सामनेलखनऊ। निज संवाददाताईमानदार छवि हंसमुख स्वभाव जिंदादिल इंसान। एएसपी एसटीएस राजेश साहनी की शख्सियत को यह शब्द परिलक्षित करते हैं। ये राजेश की दिल जितने की कला ही थी कि उनके जाने के बाद भी लोग उनके बारे में बात कर रहे हैं। उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए ट्विटर पर #justiceforrajeshsahani के नाम से हैशटैग बनाया गया है।एएसपी राजेश साहनी के दोस्तों का कहना है कि उन्हें डर है कि पुलिस की जांच में कहीं खुदकुशी का सच दब कर न रह जाए। इसलिए सोशल मीडिया के सहारे राजेश को इंसाफ दिलाने की मुहिम उन लोगों ने शुरू की है। इस कड़ी में फिल्म डायरेक्टर, पत्रकार, अधिकारी के साथ ही आम लोग भी शामिल हैं। जो लगातार ट्विट कर खुदकुशी व उससे जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठा रहे हैं।रास्ते में रह गया राजेश...श्रेया का एडमिशन टीआईएसएस में हो गया है। मैं 31 को मुम्बई आ रहा हुं। वहीं, मुलाकात होगी। और तुम्हारी फिल्म भी देखूंगा दोस्त...। 22 मई की सुबह राजेश ने यह ट्वीट एक दोस्त को किया था। वह इंतजार करता रहा। पर, राजेश अंतिम यात्रा पर चले गए। सोशल मीडिया व लोगों की जुबां पर ये सवाल0 एटीएस दफ्तर पहुंचते ही राजेश साहनी की एक अफसर से कहासुनी हुई0 पाक जासूस रमेश सिंह के कलमबंद बयान न कराने का दबाव था0 28 मई से सात जून तक छुट्टी पर थे जो अचानक क्यों पहुंचे दफ्तर0 बेसिक फोन से कॉल कर उन्हें जबरन आफिस बुलाया गया था0 राजेश की कॉल डिटेल निकलवा कर जांच की जाये0 इतने शांतप्रिय थे लिहाजा किसी छोटी बात पर यह कदम नहीं उठा सकते वह0 अगर वह आत्महत्या के इरादे से ही आफिस आये होते तो अपनी पिस्टल दफ्तर के अंदर ले जाना नहीं भूलते0 इस घटना की सूचना मिलते ही अफसर उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले गये, जबकि पुलिस ऐसे मामलों में सबसे पहले सम्बन्धित व्यक्ति को अस्पताल ही ले जाती है।

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  • Web Title:Rajesh