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कर्मचारी कर रहा था एसी की मरम्मत चला दी ट्रेन, मौत

बनारस इंटरसिटी के एसी कोच की मरम्मत के दौरान हादसे में इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारी की जान

रेलवे की लापरवाही से रेल कर्मी की मौत

रेलवे की लापरवाही के चलते गुरूवार को एक रेल कर्मचारी की जान चली गई। इलेक्ट्रिकल विभाग में तैनात जेई स्तर के अधिकारी मास्टर क्राफ्टमैन एमसीएम रामसागर गुरुवार को बनारस इंटरसिटी के सी-1 कोच का एसी ट्रेन के नीचे से चेक कर रहे थे। बिना एसी की फिटनेस दिए ही ट्रेन चलाने का सिग्नल दे दिया गया। ट्रेन अचानक चलने से रामसागर का सिर पटरी पर आ गया और धड़ से अलग हो गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कर्मचारी की मौत की खबर मिलते ही सहयोगी मौके पर पहुंच गए। जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर पंचनामे के लिए भेज दिया है।

तेलीबाग निवासी रामसागर (59 साल) चारबाग रेलवे स्टेशन पर मास्टर क्राफ्टमैन ‘एमसीएम के पद पर कार्यरत थे। दस दिनों के बाद सुबह वह ड्यूटी पर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उनको बनारस इंटरसिटी का एसी चेक करने की जिम्मेदारी दी गई थी। सुबह करीब 11.25 बजे ट्रेन 14219 चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 6 पर पहुंची थी। यहां से उसे ट्रेन 14220 बनारस इंटरसिटी बन कर दोपहर 12.55 बजे रवाना होना थी। ट्रेन चलने से पहले बोगियों की जांच करने के लिए रामसागर की ड्यूटी लगाई थी। जब वह बोगियों की जांच करते हुए एसी चेयरकार सी-1 कोच के नीचे जाकर एसी बेल्ट चेक कर रहे थे तो इसी दौरान अचानक सिग्नल हो गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गए। परिवारजनों के मुताबिक ट्रेन अचानक चलने से उनका सिर किसी नुकीली वस्तु से टकरा था। इससे उनके सिर में एक छेद हो गया और सिर पटरी पर आ गया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलकर्मी की मौत की सूचना मिलते ही सहयोगी व आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए।

दस दिन से छुट्टी पर थे

रामसागर सावित्री देवी ने बताया कि बीमारी के चलते वह पिछले दस दिनों से छुट्टी पर थे। सुबह भी उन्होंने सुपरवाइजर को फोन करके छुट्टी मांगी थी। लेकिन अधिकारियों के दबाव के चलते उनको छुट्टी नहीं दी गई। लिहाजा व काम पर चले गए। मास्टर क्राफ्टमैन स्तर के रामसागर को मरम्मत के लिए दो सहयोगी दिए जाते थे लेकिन हादसे के दिन उनको अकेला भेज दिया गया और बीमार होने के बाद नीचे से ट्रेन की जांच करने को कहा गया। जो उनकी मौत की वजह बन गया। रामसागर के परिवार में उनकी दो बेटियां है। दिसम्बर में ही वह रिटायर होने वाले थे। सहयोगियों ने बताया कि रामसागर बहुत ही सरल और हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। हादसे की वजह तलाशने के लिए जीआरपी व आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली लेकिन उसमें कुछ नजर नहीं आया।

आज ही समय पर चल दी ट्रेन

इसे महज संयोग ही कहा जाएगा कि रोजाना देरी से चल रही बनारस इंटरसिटी गुरुवार को सही समय पर चल दी। रेलकर्मचारियों के मुताबिक बनारस इंटरसिटी काफी दिनों से देरी से आ रही थी और लखनऊ से देरी से रवाना हो रही थी। लेकिन गुरुवार को ट्रेन को अपने सही समय 12.55 बजे ही रवाना कर दिया गया।

ट्रेनों के दबाव में बढ़े हादसे

ट्रेन चलाने के दबाव और मरम्मत के लिए कम समय दिए जाने की वजह से रेलकर्मियों के साथ हादसे बढ़ते जा रहे हैं। रेलकर्मचारियों के मुताबिक उनको ट्रेन की सफाई से लेकर एसी व बिजली मरम्मत के लिए बहुत कम समय दिया जा रहा है। ट्रेनों की संख्या बढ़ जाने से कर्मचारी तनाव में रहने लगे हैं। इससे हादसा बढ़ना शुरू हो गए हैं। अभी कुछ दिन पहले अमृतसर एक्सप्रेस में एक बिजली कर्मचारी मरम्मत के दौरान बिजली पैनल में चिपक गया था और उसकी मौत हो गई थी। इससे पहले चारबाग रेलवे स्टेशन की छत पर एक कर्मचारी खुले तारों की चपेट में आने से अपनी जान गवां चुका है।

शताब्दी से पैसेंजर चोटिल, सरयू यमुना में मिला शवलखनऊ

शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आकर गुरुवार को एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना स्टेशन पर दी। यात्री को अस्पताल भेजने के लिए रेल कर्मचारियों ने आरपीएफ को मेमो जारी किया लेकिन आरपीएफ ने लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक स्टेशन पर यात्री दर्द से तड़पता रहा। बाद में उसे 108 से अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके अलावा सरयू यमुना एक्सप्रेस के पार्सल यान में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पाया गया।

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