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6 मार्च, 2021|7:07|IST

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कृष्णानगर में इलेक्ट्रॉनिक तराजू की फैक्ट्री में छापा, संचालक गिरफ्तार

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यूपी एसटीएफ ने घटतौली में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजू की फैक्ट्री का भण्डाफोड़ करते हुए इसके संचालक को गिरफ्तार किया है। सोमवार को एसटीएफ ने कृष्णानगर स्थित फैक्ट्री में छापेमारी करके 172 निर्मित/अर्द्धनिर्मित तराजू व इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। चौंकाने वाली बात यह है कि यह फैक्ट्री बांट-माप विभाग से रजिस्टर्ड थी। लेकिन, यहां प्रोग्राम्ड मदरबोर्ड लगे तराजू तैयार किए जाते थे। जिसकी मदद से दुकानदार अपनी इच्छानुसार सामान का वजन कम या ज्यादा दर्शा सके। अधिकारियों के मुताबिक फैक्ट्री से तराजू खरीदने वाले लोगों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि बीते 22 अगस्त को एसटीएफ ने बाराबंकी व नगराम में छापेमारी करके इलेक्ट्रॉनिक तराजू में चिप-रिमोट लगाकर घटतौली करने वाले गिरोह का खुलासा किया था। इस दौरान गैंग के मास्टरमाइंड दिनेश उपाध्याय समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में पता चला था कि प्रदेश में अलग-अलग जगह इस तरह के तराजू बनाने वाली फैक्ट्रियां चल रही हैं। इन फैक्ट्रियों का पता लगाने के लिए डिप्टी एसपी अमित नागर के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पड़ताल में सामने आया कि कृष्णानगर स्थित यूनिक इंटरप्राइजेज में घटतौली वाले तराजू बनाए जा रहे हैं। सोमवार को टीम ने वहां छापेमारी करके चिप लगे तराजुओं का जखीरा बरामद करने के साथ ही फैक्ट्री संचालक आजाद नगर निवासी अशफाक अली को गिरफ्तार कर लिया। उसे बाराबंकी के लोनी कटरा थाने में दाखिल किया गया है।

2 हजार में बेचते थे घटतौली वाला तराजू

अशफाक ने पूछताछ में बताया कि वह 30 किलो भार क्षमता वाला इलेक्ट्रॉनिक तराजू दो हजार रुपये में बेचता था। वहीं, 100 किलो तौल क्षमता वाले तराजू की बिक्री 3500 से चार हजार रुपये में होती थी। अशफाक ने कबूला कि वह फुटकर बिक्री नहीं करता था। वह चिप लगे इन तराजुओं को प्रदेश भर के डीलरों को बेचता था, जोकि बाद में अपना मुनाफा जोड़कर इसे ग्राहक दुकानदारों को बेचते थे।

तराजू में लगा बटन दबाकर वजन में खेल

अशफाक के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक तराजू में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स दिल्ली, हरियाणा, गुजरात व मध्य प्रदेश से आते हैं। इसके अलावा कुछ सामान चीन से भी आता था। उसकी फैक्ट्री में पार्ट्स को एसेम्बल करके तराजू तैयार किया जाता था, जिनमें बाद में मदरबोर्ड अलग से जोड़ी जाती थी। डीएसपी के मुताबिक अशफाक रिमोट से संचालित होने वाला तराजू नहीं बनाता था। उसके यहां से बरामद तराजू में एक खास किस्म का बटन लगा मिला। इस बटन को दबाकर दुकानदार मनचाहे तरीके से सामान का वजन निर्धारित कर सकता था।

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  • Web Title:Raid in electronic scales factory in Krishnanagar operator arrested