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आखिर कैसी पलटी विधायक की गाड़ी, जांच शुरू

आखिर कैसी पलटी विधायक की गाड़ी, जांच शुरू

फोरेसिंक टीम पहुंची

जिले के साथ लखनऊ और प्रयागराज जनपद से आई फॉरेसिंक टीम ने किया घटनास्थल और वाहन का मुआयना

जांच रिपोर्ट आने के बाद अब होगी आगे की कार्रवाई, मामले को दबाने का भी प्रयास

हरचंदपुर (रायबरेली)। हिन्दुस्तान संवाद

प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर मंगलवार को श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय के सामने लखनऊ से रायबरेली लौटते समय सदर विधायक अदिति सिंह की फारचूनर गाड़ी और स्कार्पियो वाहन बेकाबू होकर हाईवे के डिवाइडर से टकराए या दोनों गाड़ियों में टक्कर मारी गई? इन सवालों और आरोपों की पुष्टि के लिए मंगलवार को प्रयागराज व लखनऊ से आई तीन सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने बारीकी से जांच की। टीम ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की विधिवत छानबीन के बाद घटनास्थल पर टूटे पड़े कांच के टुकड़ों के नमूने भी लिए। उम्मीद है कि आठ-दस दिन में फोरेंसिक टीम जांच रिपोर्ट सौंप देगी।

विधि विज्ञान प्रयोगशाला की निदेशक डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने 14 मई को दुर्घटनाग्रस्त हुए सदर विधायक अदिति सिंह के वाहन नंबर यूपी 33 एएफ-4626 और उनके काफिले में शामिल स्कार्पियो यूपी 33 टी-2473 की हकीकत पता लगाने के लिए लखनऊ, प्रयागराज और रायबरेली के वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में फोरेंसिक लैब प्रयागराज के उप निदेशक डा़ बृजेश भारती, लखनऊ लैब के वैज्ञानिक डा. एके झा, रायबरेली की वैज्ञानिक डा. प्रतिभा तिवारी शामिल हैं। टीम शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट पर यहां पहुंची। टीम ने हरचंदपुर पुलिस के साथ सबसे पहले श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय के पास दुर्घटना स्थल का मुआयना किया। टीम ने सड़क पर वाहनों के टायर के निशान, टूटे पड़े कांच के टुकड़े, गाड़ियों की सिचुएशन और उनकी दूरी देखी। सदस्यों ने कांच के टुकड़ों के नमूने भी एकत्र किए हैं।

इसके बाद टीम के सभी सदस्य थाने पहुंचे और यहां खड़े क्षतिग्रस्त वाहनों की जांच पड़ताल की। वाहन टकराने के बाद उन पर पाए गए स्पॉट्स का पेंट का मिलान भी किया। वाहनों का कौन सा हिस्सा कहां पर टकराया, टीम ने इसकी भी गहन जांच पड़ताल की। विधायक अदिति सिंह के काफिले के वाहनों में पीछे टकराई एक अन्य कार यूपी 32 एफएन -9137 की भी जांच पड़ताल की गई।

फोरेंसिक लैब के उपनिदेशक बृजेश भारती ने बताया कि मौके का और क्षतिग्रस्त वाहनों का निरीक्षण किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दो घंटे तक जांच-पड़ताल के बाद टीम के सदस्य लौट गए। जांच में आठ से दस दिन लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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