सबका मालिक एक, इंसानों ने धर्म-जाति में बांट दिया: संत जसदीप सिंह गिल
Lucknow News - राधा स्वामी आश्रम में आयोजित सत्संग मोहनलालगंज। संवाददाता राधास्वामी आश्रम में चल रहे सत्संग

राधा स्वामी आश्रम में आयोजित सत्संग मोहनलालगंज। संवाददाता राधास्वामी आश्रम में चल रहे सत्संग में संत हुजूर सदीप सिंह गिल महाराज ने कहा कि सबका मालिक (परमात्मा) एक है, लेकिन इंसानों ने उसे अनेक धर्मों में बांट दिया। फिर एक धर्म को अनेक जातियों में बांट दिया। हुजूर महाराज ने कहा कि ईश्वर को बिठाने के लिए पवित्र जगह की जरूरत होती है लेकिन मनुष्य का मन साफ नहीं है। मन मैल (विकारों) से काला हो चुका है। मनुष्य आज धन दौलत, अहंकार, काम क्रोध के अधीन है। ईष्या, झूठ और दूसरों को नीचा दिखाना आज के मानव का व्यवहार बन चुका हैं।
रविवार को आश्रम में दूसरे दिन हुजूर महाराज ने सत्संग को संबोधित किया। इस दौरान बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों साथ में मंच पर आसीन रहे। धार्मिक आडंबर पर तीखा प्रहार श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए हुजूर महाराज ने कहा कि भगवान हर जगह है, कण-कण में है। लोग दर्शन के लिए पूजा स्थानों पर लाइन लगाते हैं। चढ़ावा चढ़ाते हैं। चादर चढ़ाते हैं। बाहर बैठे भिखारी को खाना व ठंड में ठिठुरते गरीबों को कपड़े नहीं दे सकतें है। अगर जरूरतमंद को दे तो वह दुआएं देगा। उन्होंने कहा कि आज लोगों ने सरोवर में नहाने को मुक्ति का साधन बना लिया है। अगर सरोवर में नहाने से मुक्ति मिल जाती तो उसमें रहने वाली मछली व अन्य जीव जन्तु मुक्ति पा जाते। ग्रंथ पढ़ने मात्र से मुक्ति नहीं मिल जाती है। शरीर हरि मंदिर है। माया जाल में फंसा है इंसान हुजूर जसदीप सिंह गिल ने कहा कि आज इंसान माया जाल में फंसा हुआ है। युवा अवस्था से लेकर बुढ़ापे तक दुनिया के कामों में व्यस्त होने की बात कहकर भजन के लिए समय नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि सारा समय दुनिया में दोगे तो वापस इसी दुनिया में दोबारा आना पड़ेगा। लोग दुखी होने पर दोस्त, रिस्तेदार, डाक्टर के पास जाते है। जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं तब मनुष्य मालिक (ईश्वर) को याद करता है। जब अंत में वहीं जाना है तो शुरुआत से ही भगवान से रिश्ता क्यों नहीं बनाता है। क्रोध, हवस विनाश का कारण हुजूर ने कहा कि क्रोध में मनुष्य गलत काम कर बैठता है। क्रोध के कारण उसे जेल तक जाना पड़ता है। हवस में फंसे बड़े-बड़े लोग, राजनेता रोज अखबार की सुर्खियां बन रहे हैं। उन्होंने अन्य देशों में जमीन व धन होने के बावजूद बढ़ती हवस को महाभारत व रावण के उदाहरण को बताकर सचेत किया कि अधिक संचय विनाश की ओर ले जाता है। गुरु के मार्ग दर्शन से परमात्मा की प्राप्ति हुजूर ने कहा कि जीवन में सफलता व परमात्मा की प्राप्ति गुरु के जरिए ही मिल सकता है। ईश्वर को गुरु के मार्गदर्शन में ही भजन कर पाया जा सकता है। भजन ही सबसे बड़ा कर्म है हमें सुबह उठने के बाद व सोने से पहले भगवान का शुक्रिया करना चाहिए।
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