
सभी केंद्र:: आशा कर्मियों का प्रदर्शन, पुलिस ने मार्च रोका
Lucknow News - पुलिस ने रोका आशा कर्मियों का विधानभवन की ओर मार्च आशा कर्मियों ने रेलवे
पुलिस ने रोका आशा कर्मियों का विधानभवन की ओर मार्च आशा कर्मियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर की सभा आशा कर्मियों ने की न्यूनतम वेतन, सरकारी कर्मी का दर्ज, ईपीएफ, ग्रेच्युटी, बीमा की मांग लखनऊ, संवाददाता। न्यूनतम वेतन, सरकारी कर्मी का दर्जा, ईपीएफ, ग्रेच्युटी, बीमा जैसी मांगों को लेकर मंगलवार को आशा कर्मियों ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया। ठिठुरन भरी ठंड की परवाह किये बगैर रेलवे स्टेशन पर जमा हुई प्रदेश भर की आशा कर्मियों ने विधानभवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। आशा कर्मियों ने वहीं सभा की।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले प्रदेश भर की आशा कर्मी सुबह ही विधानसभा की ओर मार्च के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पर जमा हो गई। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हमें सेवा से बाहर करने की धमकी देकर आंदोलन को कमजोर करने में लगा है। मार्च को रोककर सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है। सरकार को दमनकारी तरीके से हड़ताल को तोड़ने के बजाय हमारी समस्याओं के समाधान की पहल करनी चाहिए। राज्य सचिव अनीता वर्मा ने कहा कि सरकार को प्रदेश की दो लाख आशा संगीनियों के सवाल सुनने होंगे। जौली वैश्य ने कहा कि इस महंगाई के दौर में हमसे 50 व 75 रुपए की दिहाड़ी पर काम लिया जा रहा है। दो हजार रुपए माह के मानदेय में हम किस बाजार में जाकर महीने भर का राशन खरीदे। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव से हुई वार्ता अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव आया। इसके बाद सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी ने बताया कि एक शुरुआत हुई है। समस्याओं के निराकरण के लिए वार्ता की तारीख तय की जाएगी। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि समाधान की ओर बढ़ा जाएगा। वहीं यूनियन की राज्य सचिव ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। आशा कर्मियों की प्रमुख मांगे आशा कर्मियों की बकाया प्रोत्साहन राशि व अन्य भुगतान जल्द किये जाए। सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाए। प्रोत्साहन राशि के बजाय न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए। रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश, स्वास्थ्य व जीवन बीमा, भ्रमण भत्ता दिया जाए। आवागमन के लिए स्कूटी उपलब्ध करायी जाए।

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