Promises in marriage prooved a new path for women - जीवनसाथी ने निभाया आठवें फेरे का वचन DA Image

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जीवनसाथी ने निभाया आठवें फेरे का वचन

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दांपत्य जीवन की शुरुआत पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर होती है। इन रस्मों से भी अनमोल है वचन जो शादी की नींव साबित होते हैं, पर सुख-दुख में साथ निभाने का अनमोल वचन शादी के बाद कहीं गुम सा जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम लेकर आएं हैं हिन्दुस्तान की मुहिम आठ फेरे। यदि रिश्तों में कहीं कमी रह गई हो तो इस करवा चौथ आठवें फेरे का वचन निभाएं।आज की रिर्पोट में आप मिलेंगे ऐसी ही महिलाओं से जिनके साथी ने अपना आठवां फेरा लेकर शादी जैसे पवित्र बंधन को सार्थक बनाया-

पत्नी के लिए बदली सालों पुरानी परंपरा

गोमती नगर निवासी वैष्णवी श्रीवास्तव जब शादी करके ससुराल आई तो अहसास हुआ कि घूंघट करना, रात को ससुर के भोजन के बाद स्वयं खाना जैसी परंपरा निभानी पड़ेगी। ये उनकी सोच के विरुद्ध था। पत्नी को उदास देख पति निखिल ने घर की सालों पुरानी परंपरा बदलने का फैसला किया। उनके द्वारा किए इस प्रयास का नकारात्मक प्रभाव जरूर हुआ पर उस दिन से वैष्णवी को अपने मन मुताबिक जीवन जीने की आजादी मिल गई।

पत्नी के काम को दी प्राथमिकता

जानकीपुरम निवासी अखिला शर्मा को शहर के बाहर एक प्रतिष्ठित स्कूल में काम करने का मौका मिला पर सास-ससुर ने साफ कह दिया कि पूरे दिन बहू को बाहर नहीं रहने देंगे। पति आकाश ने पत्नी के अधिकारों का सम्मान रखते हुए पत्नी के साथ घर बदल दिया। आज भी सास-ससुर बात नहीं करते इसके बावजूद सही-गलत में फर्क पहचानकर पति ने आठवें फेरे का वचन निभाया।

पति ने त्यागा पिता बनने का सुख

राजाजीपुरम में रहने वाली पूनम बडोला को दो माह पहले चिकित्सक ने बताया कि वे मां नहीं बन सकतीं, घर के तानों से परेशान अपने ही घर में कैद पूनम को पुन: हौसला मिला उनके पति राजेश से जिन्होंने बच्चा गोद लेने का फैसला किया। परिवार, समाज की परवाह किए बिना पति के साहस पर पत्नी को गर्व है।

पति भी कर सकते हैं घरेलू काम

इन्दिरा नगर निवासी गार्गी गर्ग कुशल व्यापारी होने के साथ तीन बच्चों की मां हैं। काम के सिलसिले में अक्सर गार्गी को शहर के बाहर जाना पड़ता है, पति सुमित ने कहा कि वे चिंतामुक्त होकर काम करें, घर वे संभाल लेंगे। बच्चों की देखरेख से लेकर घर का सारा काम करने वाले पति को समाज ने उपेक्षा से भर दिया। घर संभालने वाले पति समाज को रास नहीं आते, पर गार्गी के पति ने साबित कर दिया कि शादी वाकई दो लोगों की रस्म है जिसमें पत्नी के लक्ष्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

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