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प्रियंका गांधी- रोड शो 2

लड़ाई आसान नहीं मगर कुछ तो जरूर बदलेगा

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की चुनाव प्रभारी बनने के बाद या यूं कहें कि कांग्रेस का नया चेहरा बनने के बाद पहली बार प्रियंका सोमवार को लखनऊ से रूबरू हुईं। उनका रोडशो एयरपोर्ट से निकलकर हुसैनगंज, लालबाग होते हुए कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचा। यह सारी हलचल शहर के एक हिस्से में थी लेकिन चर्चा पूरे शहर में, हर गली-नुक्कड़ पर हो रही थी।

मसलन एक दृश्य यह था...हजरतगंज में एक चाय की दुकान पर मौजूद कुछ नौकरी पेशा लोग। प्रियंका के लखनऊ आने से बात शुरू हुई तो सबसे पहला जुमला यह था, 'इन्हें प्रियंका को पीएम फेस घोषित करके चुनाव लड़ना चाहिए...तब ज्यादा असर पड़ेगा।' इस बात पर दूसरे साहब का कहना था, 'अभी लड़ाई इतनी आसान नहीं हैं, हां कुछ न कुछ तो जरूर बदलेगा...।' इन सबकी बातें सुन रहे चाय बना रहे दुकानदार का भी अपना तर्क था, 'हमें तो प्रियंका पसंद हैं, चुनाव लड़ेंगी तो जीतेंगी जरूर...।' एक लगभग 60 साल के बुजुर्ग भी इस चर्चा का हिस्सा थे। उन्होंने लगे हाथ एक सलाह दे डाली, 'प्रियंका को सामने लाना तो ठीक है लेकिन इन्हें महागठबंधन में आ जाना चाहिए। अकेले कांग्रेस के लिए लड़ाई मुश्किल होगी...।' इसी सड़क से गुजर रहे रोडशो में जाते हुए एक बुजुर्ग पूरे जोश में कहते दिखे, 'हम तो राजीव गांधी के चेले हैं, उनके समय से कांग्रेस से जुड़े हैं, अब प्रियंका-राहुल को भी पूरा समर्थन देंगे, यह तो बस शुरुआत है, अभी उत्तर प्रदेश पूरा जलवा देखेगा। यहीं से निकल रहा युवाओं का काफिला भी प्रियंका की एक झलक देखने जा रहा था। इनका कहना था, 'हमने इन्दिरा गांधी को सिर्फ तस्वीरों में देखा है, उनके बारे में अपने बड़ों से सुना है लेकिन प्रियंका को देखकर लगता है कि वह ऐसी ही रही होंगी...।' एक परिवार प्रियंका की झलक भर देखने के लिए रोडशो में शामिल था। इस परिवार का कहना था, 'हिन्दुस्तान के लोगों के डीएनए में कांग्रेस है, निकालना इतना आसान नहीं होगा। इसी परिवार का यह भी कहना था कि 'प्रियंका कभी सामने से राजनीति में नहीं आईं, युवा और बेदाग नेता हैं इसलिए उनके आने से फर्क तो पड़ेगा...'।

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  • Web Title:priyanka gandhi