एक करोड़ पांडुलिपि इकट्ठा करने के लक्ष्य से करीब-मुख्य सचिव
Lucknow News - लखनऊ में ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि अभिरुचि कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन धरोहरों पर चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने पांडुलिपियों के संरक्षण का महत्व बताया। कार्यक्रम में रामचरितमानस और गीता की प्राचीन पांडुलिपियों को भी प्रदर्शित किया गया।

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता राजकीय अभिलेखागार में ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत बुधवार को पांडुलिपि अभिरुचि कार्यशाला में भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास और प्राचीन धरोहरों को लेकर मंथन हुआ। ज्ञानभारतम निर्देशिका और कोलोनियल लखनऊ नाम के दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि ज्ञानभारतम मिशन के जरिए एक करोड़ पांडुलिपियों को एकत्रित और संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज ऐसा मजबूत मिशन तैयार हो चुका है, जिसके जरिए आम लोग भी अपनी पारिवारिक और निजी पांडुलिपियों को सुरक्षित रख सकते हैं।
पांडुलिपियों का महत्व
विशिष्ट अतिथि बीबीएयू के इतिहास विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा में पांडुलिपियों का महत्व पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. वंदना सिंह ने ज्ञानभारतम पोर्टल, मोबाइल एप और पांडुलिपि सर्वेक्षण पर जानकारी दी। वहीं एलयू के संस्कृत विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. अशोक शतपथी ने पांडुलिपियों की पहचान पर प्रकाश डाला। सहायक निदेशक (संरक्षण) विजय कुमार श्रीवास्तव ने पांडुलिपि सर्वेक्षण के दौरान ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी। संस्कृति विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
प्राचीन पांडुलिपियों का प्रदर्शन
1794 की रामचरितमानस और गीता पांडुलिपि आकर्षण
कार्यशाला में वर्ष 1967 की पांडुलिपि में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सात सुंदर चित्रों के साथ भगवद्गीता के सभी 700 श्लोक संकलित हैं। वहीं रामचरितमानस की प्राचीन हिन्दी पांडुलिपि ने भी प्रतिभागियों को आकर्षित किया। वर्ष 1794 की इस दुर्लभ पांडुलिपि में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों से जुड़े लगभग 400 मनोहारी चित्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पृष्ठ पर दोहा और चौपाई के साथ चित्रों का विस्तृत विवरण भी अंकित है जो इसे बेहद विशेष बनाता है।
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