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6 दिसंबर, 2019|1:49|IST

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प्रयागराज की बायो मेडिकल वेस्ट निस्तरण एजेंसी पर 10 लाख हर्जाना

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

प्रयागराज में खुले में पड़ा बायो मेडिकल वेस्ट व उसके निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एनजीटी की ठोस कूड़ा प्रबंधन व अनुश्रवण समिति ने कड़ा कदम उठाया है। समिति ने बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का काम कर रही एजेंसी पर दस लाख रुपए पर्यावरणीय हर्जाना लगाने की सिफारिश की है।

प्रयागराज में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का काम संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड के पास है। उसने हंडिया में प्रोसेसिंग यूनिट लगाया है। समिति के सचिव व पूर्व जिला जज राजेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय व प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिकों के साथ गत दिनों प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। वहां की स्थिति देखकर सभी सदस्य दंग रह गए। वहां कूड़े को अलग करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। बायो मेडिकल वेस्ट में कांच की बोतले व मिट्टी के कुल्हड़ भी बड़ी मात्रा में मिले। प्रोसेसिंग यूनिट पर हर दिन लगभग 1334.39 किलोग्राम कूड़ा पहुंच रहा है। वहां विभिन्न प्रकार के कूड़ों के लिए पीला, लाल, सफेद व नीले रंग का चैम्बर तो बना मिला लेकिन किसी में यह नहीं लिखा था कि कौन सा कूड़ा किस चैम्बर में डाला जाएगा। किसी प्रकार का कोड भी नहीं अंकित था। बायो मेडिकल वेस्ट लाने वाले थैलों में अलग-अलग कूड़ा के बजाए मिक्स कूड़ा एकत्र किया गया था। इस लापरवाही पर समिति ने एजेंसी के खिलाफ 10 लाख रुपए पर्यावरणीय हर्जाना लगाने की सिफारिश एनजीटी को की है। हर्जाने की धनराशि आसपास के लोगों की भलाई पर खर्च किया जाएगा।

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