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हर्षोल्लास के साथ मना गुरु अमरदास का प्रकाश पर्व

सिखों के तीसरे गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व शुक्रवार को गुरुद्वारों में हर्षोंल्लास के साथ मनाया गया। रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। संगत ने दीवान साहिब के सामने माथा टेक कर खुशहाली के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी के बीच गुरु का प्रसाद लंगर वितरित किया गया।

यहियागंज गुरुद्वारे में शाम का विशेष दीवान सजाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रहिरास साहिब के पाठ से हुई। कानपुर से आए भाई भूपेन्द्र सिंह, भाई सज्जन सिंह व भाई सुरेन्द्र सिंह खालसा ने ‘भले अमरदास गुण तेरे तेरी उपमा तोहि बनि आवै, ‘मेरै मनि अनदु भइआ जीउ वजी बाधाई, ‘अनदु भइआ वडभागीहो ग्रिहि प्रगटे प्रभ आइ जीउ शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरुद्वारे के हेडग्रंथी ज्ञानी परमजीत सिंह गुरु के जीवन पर प्रकाश डाला। जिन्होंने गुरु नानक जी महाराज के जीवन दर्शन व उनके द्वारा स्थापित धार्मिक विचारधारा को आगे बढ़ाया। गुरु अमरदास जी ने ही गुरु का लंगर की प्रथा को स्थापित किया। कार्यक्रम के समापन पर गुरुद्वारे के सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई दी। वहीं नाका गुरुद्वारे में भी गुरु का प्रकाश पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रागी जत्था भाई बलवन्त सिंह ने ‘भले अमरदास गुण तेरे, तेरी उपमा तोहे बन आवै शबद कीर्तन कर सभी को भाव विभोर कर दिया। ज्ञानी गुरजिन्दर सिंह ने गुरु अमरदास जी के जीवन से अवगत कराया। उन्होंने सभी से उनके द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा ने सभी का प्रकाश पर्व की बधाई दी।

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