चार ट्रांसमिशन और तीन उपकेंद्र बनेंगे, 50 लाख आबादी को मिलेगी राहत
एलडीए की नई टाउनशिप में बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए चार ट्रांसमिशन उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। इससे लगभग 50 लाख की आबादी को बिजली कटौती से निजात मिलेगी।

- एलडीए की आईटी सिटी, वरुण विहार, वेलनेस सिटी और नैमिष विहार की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनेंगे - एलडीए ने पावर ट्रांसमिशन को जमीन दिखाई, ट्रांसमिशन की टेक्निकल टीम का सर्वे कर रही
टाउनशिप के लिए बेहतर बिजली व्यवस्था
- लेसा के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ने सदरौना, प्रभातपुरम और सिकरोही में जमीन मांगी
बिजली उपकेंद्रों का निर्माण
लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।
राजधानी की तेजी से बढ़ती आबादी और एलडीए की नई टाउनशिप की जरूरतों को देखते हुए लेसा व पावर ट्रांसमिशन ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर में बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए 1220 करोड़ रुपये की लागत से चार नए बड़े ट्रांसमिशन बिजली उपकेंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा आगरा एक्सप्रेस-वे और हरदोई रोड किनारे सदरौना, प्रभातपुरम और सिकरोही में बिजली उपकेंद्रों के लिए भूमि को चिन्हित कर लिया है। प्रस्तावित उपकेंद्रों के निर्माण से लगभग 50 लाख की आबादी को बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।
टाउनशिप में बिजली व्यवस्था को सुधारने की योजना
इस बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल एलडीए की नई कॉलोनियों को लाभ होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी वोल्टेज ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से राहत मिलेगी। पावर ट्रांसमिशन अधिकारियों के मुताबिक एलडीए ने अभी जमीन दिखाई है। ट्रांसमिशन की टेक्नीकल टीम का सर्वे कर रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो सभी उपकेंद्रों का निर्माण वर्ष 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
उपकेंद्रों के लिए भूमि चिह्नित की जाने की मांग
लेसा ने उपकेंद्रों के लिए 25 मई को पत्र लिखा
अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ब्रह्मपाल ने 25 मई को डीएम को पत्र लिखकर चिन्हित भूमि को जल्द से जल्द आवंटित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में इन क्षेत्रों में न केवल आवासीय आबादी बढ़ी है, बल्कि कॉमर्शियल बिल्डिंग और व्यावसायिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है।
ट्रांसमिशन उपकेंद्रों की विशेषताएं
- सुलतानपुर रोड स्थित आइटी सिटी में सबसे शक्तिशाली 765 केवी का उपकेंद्र बनेगा, ताकि भविष्य के तकनीकी हब को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।
- इन केंद्रों के बनने से 33 केवी के छोटे उपकेंद्रों को दूसरे और तीसरे स्रोत से जोड़ा जा सकेगा। किसी खराबी की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक आपूर्ति शुरू की जा सकेगी।
- अगले साल से इन चारों क्षेत्रों में निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया गया है।
जमीन चिह्नित करने की मांग
लेसा ने इन उपकेंद्रों के पास जमीन चिह्नित की
- कबीर नगर, सरोसा व शारदा नगर उपकेंद्र के पास सदरौना, मुजफरखेड़ा व मुन्नूखेड़ा ग्राम।
- शंकुतला मिश्र उपकेंद्र और एफसीआई उपकेंद्र के बीच प्रभातपुरम और परगा गांव।
- बसंतकुंज और दुबग्गा उपकेंद्र के पास सिकरोही, ललितबाग, महिपतमऊ और सिदेश्वरीग्राम।
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शहर के आउटर एरिया और एलडीए की आगामी टाउनशिप में बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए एलडीए ने जमीन दिखाई है। टेक्निकल टीम सर्वे कर रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश श्रीवास्तव
मुख्य अभियंता, ट्रांसमिशन, लखनऊ
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हरदोई रोड और आगरा एक्सप्रेस-वे किनारे बहुत तेजी से रिहायशी कॉलोनियां विकसित हो रही है। इससे लगातार बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में तीन उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता है। डीएम को पत्र लिखा गया है।
राम कुमार
मुख्य अभियंता, अमौसी जोन
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