power crisis - प्रदेश में फिर गहराया बिजली संकट, 2000 मेगावाट कमी DA Image
11 दिसंबर, 2019|10:21|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रदेश में फिर गहराया बिजली संकट, 2000 मेगावाट कमी

- अभी बनी रही रहेगी बिजली किल्लत, कई और बिजली उत्पादन इकाईयां प्रभावित प्रदेश में बिजली संकट फिर गहरा गया है। एक और लाइन ट्रिप होने के चलते 2000 मेगावाट की भारी किल्लत हो गई है। इसके चलते प्रदेश गांव-कस्बों में 10 से 12 घंटे की कटौती की जा रही है। वहीं बड़े शहरों में भी दो से चार घंटे बिजली गुल हो जा रही है। इस स्थिति में सुधार को लेकर पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन माना जा रहा है कि बारिश तक यह हालात बने रहेंगे। पिछले मंगलवार 18 जुलाई से बिगड़ी बिजली आपूर्ति के सुधार के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने 21 जुलाई तक हालात सामान्य होने का दावा किया था। यूपीपीसीएल के प्रवक्ता की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुद्रा महेंद्रगढ़ की लाइन ट्रिप हो गई। जबकि चंपा-कुरुक्षेत्र की लाइन पहले से ही ट्रिप चल रही है। प्रदेश में इस समय 17000 मेगावाट की जरूरत है जबकि उपलब्धता 14500 मेगावाट तक की ही हो पा रही है। इसके चलते औसत 2000 मेगावाट की कमी बनी हुई है। पॉवर कारपोरेशन ने चेतावनी जाहिर की है कि इस कमी के चलते गांव-कस्बों के अलावा जिला और मंडल मुख्यालयों पर भी कटौती की जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:power crisis