रात भर बंद रहीं 1160 मेगावॉट क्षमता की बिजली उत्पादन इकाइयां

Newswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - बिजली उत्पादन इकाइयों की बंदी का सिलसिला जारी है। शनिवार-रविवार की रात 1160 मेगावॉट क्षमता की इकाइयां बंद रहीं। गर्मी के चलते बिजली संकट बढ़ा है। जवाहरपुर तापीय परियोजना और पारीछा की इकाइयां पारेषण में बाधा के कारण ठप हैं। मौसम में राहत के बावजूद बिजली आपूर्ति बाधित रही।

रात भर बंद रहीं 1160 मेगावॉट क्षमता की बिजली उत्पादन इकाइयां

बिजली उत्पादन इकाइयों की बंदी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात भी 1160 मेगावॉट क्षमता की बिजली उत्पादन इकाइयां बंद रहीं। मई में जब बिजली की अधिकतम मांग देखी जा रही थी, तब भी उत्पादन इकाइयों के बंद होने से उनकी मरम्मत और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। भीषण गर्मी में जनता को बिजली संकट से जूझना पड़ा। इसके तमाम कारणों में से एक उत्पादन इकाइयों का बंद होना भी रहा। बीते कई दिनों लगातार कोई न कोई उत्पादन इकाई ठप हो जा रही थी। गर्मी में बिजली एक्सचेंज पर भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं थी, जिसकी वजह से कम आपूर्ति की जा रही थी। कई जगहों पर रोस्टर भी लागू करके आपूर्ति की गई। शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात भी 1160 मेगावॉट क्षमता के पावर प्लांट बंद रहे। जवाहरपुर तापीय परियोजना की 660 मेगावॉट क्षमता की इकाई इंस्ट्रूमेंट एयर कंप्रेशर (आईएसी) और सर्विस एयर कंप्रेशर (एसएसी) के बार-बार ट्रिप करने की वजह से बंद थी। आईएसी और एसएसी से उत्पादन इकाई में दबाव के साथ हवा भेजी जाती है। पारीछा की 5वीं और छठी उत्पादन इकाइयां पारेषण में बाधा की वजह से बंद थीं। दोनों इकाइयों की क्षमता 250-250 मेगावॉट थी.

सिस्टम से नहीं मौसम से मिली राहत

गर्मी में बिजली आपूर्ति का तंत्र पूरी तरह बेपटरी हो गया है। हालांकि, मौसम में कुछ नरमी की वजह से लोगों को कुछ राहत रही। यह बात दीगर है कि रविवार को भी जगह-जगह बिजली फॉल्ट रहे और इसकी वजह से आपूर्ति बाधित रही। तेज हवा और छिटपुट बरसात की वजह से पारा अन्य दिनों की अपेक्षा कम रहा और इससे बिजली की मांग में कमी दर्ज की गई। बावजूद इसके बिजली पावर कॉरपोरेशन के टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्ज की जाने वाली शिकायतों की संख्या अन्य दिनों की तरह ही बनी रही। इससे साफ है कि आपूर्ति का व्यवधान रविवार को भी जारी रहा.

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आंकड़ों में रविवार को आपूर्ति

23911.02 मेगावॉट रही अधिकतम मांग, शनिवार-रविवार रात को 12:30 बजे दर्ज की गई

23911.02 मेगावॉट न्यूनतम मांग, रविवार को शाम 5:27 बजे दर्ज की गई

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिजली उत्पादन इकाइयों की बंदी का कारण क्या है?
उत्पादन इकाइयों की बंदी के कारणों में इंस्ट्रूमेंट एयर कंप्रेशर (आईएसी) और सर्विस एयर कंप्रेशर (एसएसी) का बार-बार ट्रिप करना और पारेषण में बाधा शामिल हैं।

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