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पावर कॉरपोरेशन का नया प्रस्ताव, दस साल की किस्तों में लेंगे मीटर का दाम

पावर कॉरपोरेशन का नया प्रस्ताव, दस साल की किस्तों में लेंगे मीटर का दाम

संक्षेप: Lucknow News - - नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के दाम की वसूली में फंसते दिख रहे

Tue, 4 Nov 2025 07:08 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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बिना नियामक आयोग की मंजूरी के नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के दाम की वसूली में फंसते दिख रहे पावर कॉरपोरेशन ने आयोग में एक और प्रस्ताव दाखिल किया है। इस प्रस्ताव में उसने मीटर की आयु यानी दस साल की किस्तों में मीटर के दाम उपभोक्ताओं से लेने की बात कही है। नए प्रस्ताव में कॉरपोरेशन ने आयोग से नई कॉस्ट डेटा बुक के तहत मीटर के दाम और कनेक्शन की दरों को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की मांग की है। पावर कॉरपोरेशन नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ दे रहा है। इस कनेक्शन में मीटरों के दाम के तौर पर 6016 रुपये उपभोक्ताओं से लिए जा रहे हैं।

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कॉरपोरेशन के इस आदेश पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में अवमानना याचिका दायर की थी। उपभोक्ता परिषद ने कहा था कि जब आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के दाम तय ही नहीं किए हैं तो यह रकम कैसे ली जा रही है। आयोग ने याचिका स्वीकार करते हुए कॉरपोरेशन को नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में आयोग ने कहा था कि यह रकम अनंतिम है और आयोग के आदेश के अधीन रहेगी। इसके बाद आयोग ने कॉस्ट डेटा बुक में दरें तय करने के लिए एक और पत्र कॉरपोरेशन को जारी किया था, जिसमें उसने मीटर का वास्तविक दाम पूछा है। जवाब में कॉरपोरेशन ने मीटर के दाम स्पष्ट तौर पर तो नहीं बताए बल्कि केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस), जिसके तहत उपभोक्ताओं के पुराने मीटर स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदले जा रहे हैं, का ब्योरा दिया है। साथ ही उसने प्रस्ताव यह भी दिया है कि नई कॉस्ट डेटा बुक में मीटर के दाम उपभोक्ताओं से मीटर की आयु (दस साल) की किस्तों में लिए जाएं। इससे उपभोक्ताओं पर एकमुश्त वित्तीय भार नहीं आएगा। कॉरपोरेशन को बताना होगा क्या होगा मीटर का दाम नियामक आयोग के पत्र के बाद यह साफ हो गया है कि आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए कॉरपोरेशन के प्रस्तावित मूल्य को स्वीकार नहीं किया है। आयोग ने कॉरपोरेशन से साफ तौर पर पूछा है कि मीटर के दाम बताए जाएं। अगर आयोग को कॉरपोरेशन का प्रस्तावित मूल्य स्वीकारना होता तो वह यह पत्र जारी करके एक फिर कॉरपोरेशन से दाम नहीं पूछता।