DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्राविधिक शिक्षा में प्रैक्टिकल के नाम पर हो रहा मजाक

नियमावली के विरुद्ध संस्थाओं को परीक्षक लगाने का निर्देश

परीक्षकों के पहुंचने से पहले ही संस्थाओं ने करा ली परीक्षाएं

राजकीय संस्थानों ने जिले में तैनात शिक्षक को बनाया परीक्षक

लखनऊ। आशीष राजपूत

पॉलीटेक्निक में प्रैक्टिकल परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं। परिषद ने राजकीय और अनुदानित संस्थानों में परीक्षक नियुक्त करने की जगह नियमावली के विरुद्ध प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी दे डाली। प्रधानाचार्य इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। जिले में तैनात अथवा पुराने ही परीक्षकों को बुलाकर परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इससे परीक्षाएं प्रभावी होने की जगह और बदतर होती जा रही हैं। छात्रों का भविष्य अधंकारमय हो रहा है। निदेशक, प्राविधिक शिक्षा ने इस बार प्रैक्टिकल परीक्षाओं पर खासा जोर देने की बात कही थी। उन्होंने छात्रों को रोजगारपरक बनाने और इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार करने की दावा किया था। लेकिन, इस व्यवस्था ने सारे दावों की पोल खोल कर रखी दी है।

क्या है नियम

राजकीय, अनुदानित और प्राइवेट संस्थानों में परीक्षक लगाने की जिम्मेदारी परिषद की है। यह अधिकार बोर्ड के पास सुरक्षित है, लेकिन परिषद ने इस बार मध्य और बुंदेलखंड के संस्थानों के प्रधानाचार्यों को यह अधिकार सौंप दिया है।

सरकारी संस्थान ही उड़ा रहे धज्जियां

एक ही जिले के दूसरे संस्थान में पढ़ाने वाले अथवा पहले परीक्षा ले चुके शिक्षक संस्थान में परीक्षक के तौर पर नहीं लग सकते हैं। प्रदेश के पॉलीटेक्निक में नंबर एक पर काबिज राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान भी इससे अछूता नहीं है। पिछले सेमेस्टर परीक्षा लेने आई शिक्षिका दोबारा परीक्षा लेने आ गईं। जिले में ही तैनात दो शिक्षकों को परीक्षक बनाया गया। इसी तरह पूरे प्रदेश भर के राजकीय और अनुदानित संस्थानों में यही व्यवस्था बनी हुई है।

सीसीटीवी का फरमान मात्र कागजों पर

प्रैक्टिकल परीक्षाएं सीसीटीवी निगरानी में कराई जानी थी। दो जोन की परीक्षाएं पूरी होने के बाद भी एक की भी फुटेज परिषद नहीं पहुंची। दरअसल, परिषद ने जो फरमान जारी किया, वो केवल कागजों पर ही रह गया। राजकीय संस्थानों में ही प्रैक्टिकल सीसीटीवी निगरानी में नहीं हो रहे हैं।

कोट-

जिन संस्थानों में जिले में तैनात शिक्षक परीक्षा लेने पहुंचे हैं उन संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। फिलहाल, सरकारी संस्थानों को परीक्षक लगाने का आदेश परिषद की ओर से दिया गया है।

संजीव कुमार सिंह, सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:PolyTechnic