Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsPolitical Challenges and Responsibilities Discussed at Ashok Garg Memorial Lecture in Lucknow
नागरिक अधिकारों के प्रति हम सबको सजग होने की जरुरत

नागरिक अधिकारों के प्रति हम सबको सजग होने की जरुरत

संक्षेप:

Lucknow News - लखनऊ, संवाददाता। जन विचार मंच लखनऊ की ओर से साथी अशोक गर्ग स्मृति व्याख्यान

Nov 25, 2025 08:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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लखनऊ, संवाददाता। जन विचार मंच लखनऊ की ओर से साथी अशोक गर्ग स्मृति व्याख्यान का आयोजन पेपर मिल के कैफी आजमी अकेडमी में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य : चुनौतियां और हमारी जिम्मेदारी विषय पर हुआ। मुख्य वक्ता मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव का. प्रकाश कारात रहे। व्याख्यान से पूर्व ऋषि श्रीवास्तव की ओर से बनाए गए वृत्तचित्र को दिखाया गया। अशोक गर्ग की स्मृति में बने वृत्तचित्र में मानवशास्त्री नदीम हसनैन, अशोक गर्ग के मित्र केके चतुर्वेदी और आकाशवाणी के पूर्व सहायक निदेशक प्रतुल जोशी ने उन्हें याद किया। वृत्तचित्र दिखाए जाने के बाद उन्होंने अशोक गर्ग की जीवन संगिनी मधु गर्ग के निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

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मंच की ओर से अंशू केडिया ने अशोक गर्ग की पुस्तकों का सेट प्रकाश कारात और बादल सरोज को भेंट की। अध्यक्षीय वक्तव्य में रमेश दीक्षित ने कहा कि हमें धर्म के उदार पक्ष को सामने लाने का काम करना होगा। लोगों के बीच जाकर उन्हें जोड़ना होगा। आज हमारी नागरिकता पर हमला हो रहा है। इसलिए जरूरी है कि नागरिक अधिकारों के प्रति हम सजग हों। संविधान ने हमें मूल अधिकार दिए हैं। इसलिए हमें संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जरुरत है। संविधान को हम बहुसंख्यकवाद के सहारे नहीं छोड़ सकते। हम आजादी को बचाने के लिए मिलकर काम करेंगे। कार्यक्रम में नवाबुद्दीन, प्रो. रूपरेखा वर्मा, मधु गर्ग, वंदना मिश्रा आदि रहे। व्याख्यान में प्रकाश कारात ने सबसे पहले केंद्र सरकार के 11 साल में हुए गुणात्मक परिवर्तन की चर्चा की। उसके एकाधिकार की ओर ध्यान दिलाया। आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही का समय घटता जा रहा है। संसद का अतिक्रमण करके आदेश जारी किए जा रहे हैं। राज्यों के मामलों में केंद्र का सीधे दखल हो रहा है। पूंजीपतियों को सीधा लाभ दिया रहा है। दुनिया भर में आर्थिक असमानता सर्वाधिक भारत में बढ़ी है। इससे गरीबों की स्तिथि और भी बिगड़ रही है। देश के संघीय ढांचे पर हमला किया जा रहा है। विपक्ष की सरकारों की केंद्रीय सहायता में कटौती की जा रही है। वहीं, बिहार व आंध्र प्रदेश को अधिक सहायता दी जा रही है।