Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल प्रशासन को पुलिस ने जारी किया नोटिस, ड्यूटी चार्ट किया तलब
Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने जांच शुरू की है। अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर ड्यूटी चार्ट मांगा गया। पीड़ित परिवार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। डिप्टी सीएम ने भी नाराजगी जताई थी, लेकिन दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल में प्रसव के दौरान फर्श पर गिरने से नवजात की मौत के मामले में कृष्णानगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर ड्यूटी के दौरान मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ का चार्ट तलब किया है। इसके साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का सीसी फुटेज से ब्योरा जुटा रही है। सीसी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। उधर, पीड़ित परिवार ने मामले में उच्चस्तरीय जांच और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से न्याय की मांग की है। पीड़ित शुभम पाल एलडीए कॉलोनी के रहने वाले हैं। शुभम ने लोकबंधु अस्पताल के अज्ञात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कृष्णानगर थाने में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शुभम के मुताबिक पांच जुलाई को उनकी पत्नी कीर्ति पाल को प्रसव पीड़ा हुई। उन्होंने पत्नी को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया था। पत्नी को तेज दर्द था। वह छटपटा रहा थी। इसकी जानकारी मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों को दी। इसके बाद झल्लाकर गुस्से में मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर लेबर रूम में पहुंचे। मां को बाहर निकाल दिया। इसके बाद दो इंजेक्शन मंगवाए। डिलीवरी की करीब दो घंटे बाद अस्पताल कर्मियों ने बताया कि बच्चे की मौत हो गई। पूछने पर अस्पताल कर्मी अभद्रता और धक्का मुक्की करने लगे। विरोध पर मारपीट को अमादा हो गए। नवजात को देखा तो उसके सिर पर चोट थी। इसके बाद अस्पताल के अफसरों से न्याय की गुहार की। कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर ड्यूटी चार्ट मांगा गया है। जल्द ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए जाएंगे。
डिप्टी सीएम ने जताई थी नाराजगी, अस्पताल प्रशासन दोषी स्टाफ को बचा रहा :
पीड़ित का आरोप है कि मामले की जानकारी पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी नारजगी जताई थी। अस्पताल प्रशासन ने मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेठी गठित की थी। जांच में डॉ. चंद्रकला और नर्सिंग स्टाफ दोषी पाया गया। इसके बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित परिवार ने अब डिप्टी सीएम से मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन दोषी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बचाने पर तुला है।
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