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पीजीआई ट्रामा सेंटर में मरीजों की भर्ती आज से

-गरीब व लावारिस मरीजों को शुरूआत के 24 घंटे मुफ्त इलाज -ट्रामा की इमरजेंसी, वार्ड व अन्य जरूरी चीजें तैयारलखनऊ। निज संवाददातारायबरेली रोड वृन्दावन कालोनी स्थित पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा में मंगलवार से मरीजों की भर्ती शुरू हो जाएगी। गरीब व लावारिस मरीजों को शुरूआत के 24 घंटे मुफ्त इलाज मिलेगा। पहले चरण में 60 बेड पर मरीजों की भर्ती होगी। सोमवार को ट्रामा की इमरजेंसी ओटी और न्यूरो ओटी, एक्सरे, अल्ट्रा साउंड, सीटी, पैथालॉजी के साथ ही रजिट्रेशन काउंटर तैयार कर लिए गए हैं। इमरजेंसी में बेड और जीवन रक्षक उपकरण व अन्य जरूरी संसाधन तैयार हैं। पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर और ट्रामा प्रभारी डॉ. अमित अग्रवाल ने सोमवार को निरीक्षण कर सुविधाओं का जायजा लिया। ट्रामा का लोकार्पण दोपहर तीन बजे चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा. रजनीश दुबे करेंगे। ट्रामा के संचालन में डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. एसके अग्रवाल , डॉ. अंकुर भटनागर के अलावा एचआरएफ (हॉस्पिटल एंड रिवाल्विंग फंड) प्रभारी आरए यादव व प्रशासनिक अधिकारी भरत सिंह ने अहम भूमिका निभायी।सिर्फ ट्रामा के मरीजों की होगी भर्तीपीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर बताते हैं कि ट्रामा में सड़क या अन्य किसी हादसे में मरीजों को इलाज मिलेगा। सामान्य व अन्य किसी बीमारी के मरीजों की भर्ती यहां नही होगी। वह बताते हैं कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। जो कुछ कमी रह गई उसे मंगलवार दोपहर तक पूरा कर लिया जाएगा। जहां मरीजों को 24 घंटे जांच की सुविधा उपलब्ध मिलेगी। ट्रामा में तैनात डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ ने सोमवार से कमान संभाल ली है।पीजीआई की तर्ज पर मिलेगा इलाजपीजीआई के सीएमएस व ट्रामा प्रभारी डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि पीजीआई की दर पर मरीजों को इलाज मिलेगा। रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 रुपए होगा। इसकी वैद्यता एक वर्ष होगी। ट्रामा आने वाले गरीब व लावारिस मरीजों के पास रुपए नही हैं तो भी उन्हें इलाज मिलेगा। डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि ऐसे मरीजों को शुरूआत के 24 घंटे मुफ्त इलाज मिलेगा। इसका पूरा खर्चा पीजीआई वहन करेगा। ट्रामा संचालन की बड़ी चुनौती200 करोड़ की लागत से एपेक्स ट्रामा की बिल्डिंग छह वर्ष पहले बनी थी। पीजीआई ने इसका निर्माण कराया था लेकिन ट्रामा संचालन के लिए पर्याप्त बजट न मिलने की वजह से पीजीआई ने इसे चलाने से मना कर दिया था। सपा सरकार ने 2015 में ट्रामा संचालन की जिम्मेदारी केजीएमयू को दी। उपकरण व अन्य जरूरी संसाधनों के लिए शासन ने केजीएमयू को 22 करोड़ रुपए दिए थे। ट्रामा शुरू तो गया, लेकिन लोगों ने जैसा सोचा था वैसा इलाज नही मिला। प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रामा संचालन की जिम्मेदारी पीजीआई को सौंपी। करीब छह माह पहले ट्रामा संचालन की जिम्मेदारी और बजट मिलने पर पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने तैयारी शुरू की। ट्रामा संचालन किसी चुनौती से कम नही है। डॉ. कपूर कहते हैं कि एक से डेढ़ वर्ष में पीजीआई का ट्रामा नए आयाम स्थापित करेगा।

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