बलरामपुर अस्पताल में सीटी स्कैन फिल्म का संकट
दुश्वारियां -टेंडर प्रक्रिया में हीलाहवाली का खामियाजा भुगत रहे मरीज -तीन दिन से ठप पड़ी

दुश्वारियां -टेंडर प्रक्रिया में हीलाहवाली का खामियाजा भुगत रहे मरीज
-तीन दिन से ठप पड़ी सीटी स्कैन फिल्म की आपूर्ति
-मोबाइल पर सीटी की फिल्म व वीडियो देखकर हो रहा इलाज
लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।
बलरामपुर अस्पताल में अव्यवस्थाओं की नई तस्वीर सामने आई है। पिछले तीन दिनों से सीटी स्कैन की फिल्म का संकट खड़ा हो गया है। मरीजों को मोबाइल पर सीटी स्कैन की फिल्म व वीडियो मुहैया कराया जा रहा है। इसके सहारे डॉक्टर इलाज करने को मजबूर हैं। आरोप हैं कि टेंडर प्रक्रिया में हीलाहवाली से फिल्म का संकट खड़ा हुआ है。
प्रभावित मरीजों की संख्या
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन पांच से छह हजार मरीज आ रहे हैं। 750 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। डॉक्टर ओपीडी व भर्ती काफी मरीजों को सीटी स्कैन जांच कराने की सलाह दी जाती है। रोजाना 40 से 50 सीटी स्कैन किए जाते हैं। गुजरे तीन दिनों से फिल्म का स्टॉक खत्म हो गया है। नतीजतन मरीजों को फिल्म के बजाय मोबाइल पर फिल्म की फोटो व वीडियो देकर रवाना किया जा रहा है।
इलाज में बाधा
मरीजों का कहना है कि कई डॉक्टर फिल्म देखकर ही बीमारी की बारीकियों को समझते हैं। मोबाइल पर भेजे गए वीडियो में स्पष्ट तस्वीर नहीं मिलने से इलाज प्रभावित हो रहा है। निराला नगर निवासी वलील अहमद ने बताया कि शनिवार को जांच हुई थी। सोमवार को रिपोर्ट लेने पहुंचे तो फिल्म की जगह मोबाइल पर वीडियो भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि फिल्म आपूर्ति के लिए समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से वेंडर ने सप्लाई रोक दी। इससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारी की स्थिति
रोज 50 मरीज प्रभावित
अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 सीटी स्कैन किए जाते हैं। तीन दिन में 100 से अधिक मरीज फिल्म न मिलने की समस्या से प्रभावित हो चुके हैं। शिकायत के बावजूद अफसरों ने कोई प्रबंध नहीं किया है।
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