Parivahan - मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाने वाली पहली बैठक बेनतीजा DA Image

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मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाने वाली पहली बैठक बेनतीजा

आरटीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक

ट्रैफिक, पुलिस, मेट्रो, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ लॉर्ट्स ने लिया हिस्सा

राजधानी की खूबसूरती बढ़ा रही मेट्रो में यात्रियों की संख्या घटती जा रही है। इससे मेट्रो घाटे में है। नतीजतन, मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अन्य साधनों को बंद करने का सुझाव सामने आया है। इसको लेकर आरटीओ कार्यालय में मंगलवार ऑटो, ई रिक्शा के साथ सिटी बस प्रबंधन व मेट्रो के बीच पहली बैठक हुई। बैठक में ऑटो यूनियन, सिटी बस प्रबंधन और ई रिक्श संचालकों ने मेट्रो रूट छोड़ने से मना कर दिया। इससे पहली बैठक बेनतीजा हो गई। फिलहाल, अगले दो दिन में यातायात सुदृढ़ करने के लिए आरटीओ जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

बैठक में मेट्रो में आकर्षण बढ़ाने और सवारियों को मेट्रो से सफर कराने के लिए चर्चा हुई। इसको लेकर आरटीओ अधिकारियों ने मेट्रो से ऑटो, ई रिक्शा और सिटी बस को दूर रखने की बात कही। ताकि, मेट्रो में सवारियों की संख्या बढ़ सके। इस पर लार्ट्स की ओर से मौजूद पंकज दीक्षित और किशोर ने इस बात का विरोध जताया। पंकज दीक्षित ने कहा कि सभी मेट्रो सिटी में ऑटो और मेट्रो साथ-साथ है। दरअसल, मेट्रो रूट से ऑटो हटाने की योजना ही गलत है। उन्होंने कहा कि अभी ऑटो शेयरिंग में चलते हैं। जबकि, ऑटो को कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट मिला है। आरटीओ अधिकारियों को इसे मीटर में चलाना चाहिए, ताकि, शेयरिंग नहीं होने पर ऑटो की जगह यात्री मेट्रो की तरफ रुक करेंगे।

यूनियन पदाधिकारियों ने भी मेट्रो रूट से हटने साफ इंकार कर दिया। यूनियन ने बोला कि अगर उन्हें हटाया गया और दूसरे रूट दिए गए तो वह आंदोलन पर उतरेंगे।

मेट्रो के आदी नहीं सिटी बस यात्री

सिटी बस प्रबंधन के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अभी राजधानी में 75 सिटी बसें चल रही हैं। अभी अधिकांश रूट पर मेट्रो नहीं है। ऐसे में अभी राजधानीवासी मेट्रो के आदी नहीं हुए हैं।

जाम के चलते 10 अन्य रूट पर बंद होंगे ई रिक्शे

शहर में 18 हजार ई रिक्शा वैद्य है। इसमें कुछ रिक्शों को मेट्रो स्टेशनों के बीच चलाने पर विचार चल रहा है। जबकि इनसे शहर में जाम की स्थिति बढ़ गई है। इसके लिए 10 नए व्यस्त रूट खोजे जा रहे हैं। बता दें कि पहले से ही दस रूट पर बंद ई रिक्शों को बैन कर दिया गया है।

- कोट

यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जाएगा। बैठक में सुझाव आए हैं। विचार चल रहा है। दो दिन में खाका तैयार कर जिलाधिकारी के समझ प्रस्तुत होगा। फिलहाल, मेट्रो रूट से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की संख्या कम होगी।

एके सिंह, आरटीओ, लखनऊ।

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