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ड्राइवर कंडक्टरों से विश्राम शुल्क 35 रुपये मांगने पर हंगामा

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

आलमबाग बस टर्मिनल पर तैनात कर्मियों से पार्किंग शुल्क वसूलने का मुद्दा अभी ठंडा नहीं हुआ कि दूसरा मुद्दा सामने आ गया। बुधवार को रोडवेज बस चालक परिचालकों से विश्राम कक्ष में 35 रुपये शुल्क लिए जाने पर संविदा व नियमित कर्मियों ने जमकर हंगामा काटा। इस संबंध में एक पत्र निगम प्रशासन को संविदा चालक परिचालक कर्मचारी संघर्ष यूनियन की ओर से दिया गया। जहां बस टर्मिनल पर कर्मियों के विश्राम शुल्क की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की गई।

यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष कमाल अहमद खान की ओर से अपर प्रबंध निदेशक बीआरडी तिवारी को सौंपा गया। पत्र में 11 जून 2018 को जारी आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। यूनियन के महामंत्री कन्हैया लाल पांडेय ने बताया कि दिन रात बस चलाने वाले ड्राइवर कंडक्टरों के साथ निगम प्रशासन और शालीमार कंपनी मनमानी कर रहा है। विश्राम शुल्क लेने की व्यवस्था चालक परिचालक के हित में नहीं है। विश्राम शुल्क वसूलने को लेकर आए दिन आलमबाग बस टर्मिनल पर कहासुनी हो रही है। संविदा व नियमित कर्मियों में काफी गुस्सा है। निगम प्रशासन विश्राम कक्ष का शुल्क बंद कराया। वरना कर्मचारी कभी भी कार्यबहिष्कार कर सकते है। यह चेतावनी निगम प्रशासन को देते हुए जल्द से जल्द निर्णय लेने की बात कहीं है।

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