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बस किराया वापस नहीं मिलने पर मंत्री को ट्वीट किया

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

रोडवेज बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग के बाद यात्रियों को बस का टिकट रद्द कराना महंगा पड़ रहा है। एक सप्ताह में रिफंड यात्रियों के बैंक खाते में पहुंचने का दावा करने वाला परिवहन निगम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। निगम प्रशासन की इस लापरवाही से नाराज यात्री ने परिवहन मंत्री को ट्वीट करके पैसा वापस करने व रिफंड की ताजा स्थिति बताने की बात कहीं है।

बीते 23 अगस्त को आलमबाग बस टर्मिनल से एसी शताब्दी बस से अकबरपुर जा रही बस बीच रास्ते खराब हो गई थी। बस कंडक्टर ने यात्रियों को दूसरी बस से भेजा। इस बस में कंडक्टर ने सभी यात्रियों का टिकट काट दिया। बदले में यात्रियों को पहली बस खराब होने पर टिकट रद्द कराना पड़ा। यात्री सर्वेश सक्सेना का पीएनआर नंबर 11038977 था। इन्होंने टिकट नंबर सहित ई मेल और वाट्सअप के जरिए रिफंड की ताजा स्थिति जानना चाहा तो अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

...क्या मेरा पैसा विभाग वापस करेगा?

परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को ट्वीट करके यात्री ने पूछा, माननीय मंत्री जी, 23 अगस्त 2018 से एक टिकट रद्द कराने पर रिफंड की स्थिति जानने के लिए विभाग के अधिकारियों को कई बार ई मेल कर चुका है। पर विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ऐसे में क्या मेरी गाढ़ी कमाई का पैसा परिवहन विभाग वापस करेगा।

सैकड़ों यात्रियों का पैसा फंसा

बस यात्रा रद्द करने के बाद टिकट रिफंड का पैसा लखनऊ क्षेत्र में सौ से ज्यादा वहीं यूपी भर में पांच सौ से ज्यादा यात्रियों का पैसा फंसा है। निगम के अधिकारी बताते है कि टिकट रद्द होने पर ब्यौरा सेवा प्रदाता कंपनी को भेज दिया जाता है। ऐसे में ट्राईमैक्स कंपनी की जिम्मेदारी है कि यात्रियों को समय से टिकट रिफंड का पैसा बैंक खाते में भेज दे।

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